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पहली बार खरीदने जा रहे हैं लाइफ इंश्योरेंस, इन बातों का रखें ध्यान

महामारी की वजह से पहली बार इंश्योरेंस खरीदने वालों की तादाद बढ़ी है। ऐसे में पहली बार इंश्योरेंस खरीदने वाले लोगों को यह जानकारी देना हमारी जिम्मेदारी है

साल 2020 में कोविड-19 महामारी के आने के बाद से दुनिया में काफी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इसका काफी बड़ा असर इंश्योरेंस सेक्टर पर भी पड़ा है जो लंबे समय से फाइनेंशियल जगत के लिए किसी ‘अंडरडॉग’ (जिसके बारे में कम बात हो) की तरह रहा है। इस महामारी की वजह से बहुत लोगों को मन से यह ख्याल चला गया है कि ‘मुझे कुछ नहीं होगा।’ इसकी वजह से लोगों को अपनी वित्तीय जरूरतों और प्राथमिकताओं की समीक्षा नए सिरे से करनी पड़ी है। इसका स्वास्थ्य, इनकम और जीवन के लगभग सभी पहलुओं पर काफी गहरा असर देखने को मिला है। लोगों को ऐसी निजी इमरजेंसी का सामना करना पड़ा है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। इस वजह से ग्राहक के सोचने के तरीके में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस वजह से प्रोटेक्शन एक जरूरी अनिवार्यता बन गई। अब कम उम्र के लोग लाइफ इंश्योरेंस ले रहे हैं और डिजिटल माध्यमों की बढ़ती उपस्थिति की वजह से कंपनियों को अपने वितरण और कस्टमर एक्सपीरियंस से जुड़ी रणनीतियों के बारे में नए सिरे से सोचना पड़ रहा है। युवाओं की इस श्रेणी को कुछ अलग और उनकी जरूरत के हिसाब से एडवाइजरी देने की आवश्यकताओं को समझने वाली कंपनियां प्रोटेक्शन से जुड़ी जरूरतों के लिए पसंदीदा ऑप्शन के रूप में उभरी हैं। महामारी की वजह से पहली बार इंश्योरेंस खरीदने वालों की तादाद बढ़ी है। ऐसे में पहली बार इंश्योरेंस खरीदने वाले लोगों को यह जानकारी देना हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए। ऐसे में अगर आपने इस साल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने का संकल्प लिया है तो यहां बताए गए कुछ पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आप अपनी प्रोटेक्शन से जुड़ी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं:

मुझे कौन सा लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीदना चाहिए?

ऐसे कई लाइफ इंश्योरेंस सॉल्यूशन्स हैं जो बच्चे की शिक्षा, रिटायरमेंट, इनकम रिप्लेसमेंट, धन संचय आदि जैसे प्रमुख लक्ष्य-आधारित उद्देश्यों को पूरा करने में आपकी सहायता कर सकते हैं। कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले आपको अपनी भविष्य की जरूरतों और आकांक्षाओं का मूल्यांकन कर लेना चाहिए। इस गतिविधि से यह सुनिश्चित होता है कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से ही फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स खरीदते हैं।

2. सबके लिए एक सॉल्यूशन नहीं

वर्षों से लाइफ इंश्योरेंस की खरीद को किसी के भविष्य के लिए इंवेस्टमेंट के बजाय एक तरह के खर्च के तौर पर देखा जाता रहा है। पिछले कई वर्षों से मैं यह देखता आया हूं कि लोग एक ही प्रोडक्ट से कई वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश करते हैं। इससे आप और आप पर निर्भर लोगों पर वित्तीय जोखिम की आशंका बनी रहती है क्योंकि इसके जरिए आप अपनी प्रोटेक्शन की जरूरत को आंशिक तौर पर ही पूरा कर पाते हैं। उदाहरण के तौर पर आप अपने बच्चे के लिए एक फंड चाहते हैं या इमरजेंसी फंड क्रिएट करना चाहते हैं और अपने प्रियजनों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं तो केवल टर्म इंश्योरेंस प्लान से काम नहीं चलने वाला है। ऐसा करने पर इनमें से निश्चित रूप से आपको दो वित्तीय लक्ष्य अधूरे रह जाएंगे।

3. कितना लाइफ कवर लेना चाहिए?

पर्याप्त लाइफ कवर का आकलन आम तौर पर काफी भ्रमित करने वाला होता है और खासकर ऐसे समय में जब आप पहली बार लाइफ इंश्योरेंस खरीद रहे हों। इसके लिए अधिकतर फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाए गए एक नियम को याद रखना चाहिए कि आपका लाइफ कवर आपके इनकम के 10 गुना के बराबर होना चाहिए। हालांकि, इससे लाइफ कवर को तय करने में काफी मदद मिलती है। इसके बावजूद कहा जा सकता है कि हर व्यक्ति को अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से लाइफ कवर का आकलन करना चाहिए। इसके लिए आपको इनकम, डेट सेविंगस लाइफस्टाइल इत्यादि जैसी चीजों को ध्यान में रखना चाहिए।

4. अपनी प्रोटेक्शन से जुड़ी जरूरत को रिव्यू करते रहना जरूरी

आपकी उम्र जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, आपकी वित्तीय जरूरतें बदलती रहती हैं। उदाहरण के तौर पर 25 साल की एक सिंगल महिला की वित्तीय जरूरत 40 साल की दो बच्चों की मां से अलग होगी। आदर्श तौर पर आपको सालाना आधार पर अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो को रिव्यू करना चाहिए। लेकिन किसी भी तरह की उकताहट से बचने के लिए मैं आपको शादी, नया घर, बच्चे के जन्म से जीवन के हर माइलस्टोन के समय प्रोटेक्शन के रिव्यू की सलाह देता हूं।

5. टर्म रेट में बढ़ोतरी से हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं

महामारी की वजह से पैदा हुई अभूतपूर्व उथल-पुथल के कारण टर्म प्लान के रेट में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, इस वजह से लाइफ इंश्योरेंस खरीदने से पीछे नहीं हटना चाहिए क्योंकि आप पर निर्भर लोगों के लिए कुल फाइनेंशियल प्रोटेक्शन खरीदने का आपके पास कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं है। भारत अब भी उन देशों में शामिल है जहां टर्म प्लान के रेट काफी कम हैं और हालिया बढ़ोतरी केवल महामारी के आम लोग पर पड़े व्यापक असर की वजह से देखने को मिली है।

6. जरूरी जानकारी छिपाएं नहीं

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय आपको इंश्योरेंस कंपनी से हर जरूरी और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर करनी चाहिए। इस पॉलिसी को खरीदने का लक्ष्य आपके नहीं रहने पर आपके आश्रितों को भविष्य के लिए एक संबल प्रदान करना है। ईमानदारी से दी गई हर जानकारी से क्लेम सेटलमेंट का प्रोसेस काफी सहज तरीके से पूरा हो जाता है। इससे आप जिस लक्ष्य के साथ यह खरीद करते हैं, वह पूरा हो जाता है।

7. खुद रिसर्च कीजिए

आप प्रोडक्ट्स के चुनाव के लिए अपने पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर से सलाह-मशविरा कर सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि आप ऐसे प्रोडक्ट्स ही खरीदें जो आपकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करता हो। केवल पॉलिसी खरीदने के लिए कोई भी प्लान खरीदन लेना सही नहीं है। अपना खुद का रिसर्च करने से जरूरत और खरीद में काफी अंतर रहने का चांस रहता है।

8. कैसे तय करें, किस कंपनी की पॉलिसी खरीदें?

कंपनी काफी पॉपुलर है या नहीं, ये जानने से ज्यादा जरूरी ये जानना है कि वह कंपनी किन चीजों के लिए सुर्खियों में रही है। अपनी कम्युनिटी के लोगों से कंपनी के बारे में पूछिए। इसके अलावा क्लेम सेटलमेंट रेशियो जैसे पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। इन बातों को ध्यान में रखकर आप सही कंपनी से इंश्योरेंस प्रोडक्ट खरीद सकते हैं। मानव जीवन से जुड़ा जोखिम साफ तौर पर सामने आ गया है। ऐसे में अधिक संख्या में लोग लाइफ इंश्योरेंस खरीदने पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में लाइफ इंश्योरेंस प्लान खरीदते समय इन बातों को ध्यान में रखना इंश्योंरेंस खरीदने के साथ-साथ सामान्य फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए भी अहम है।

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