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छठ महापर्व का दूसरा दिन आज, जानें इस दिन का महत्व

छठ पर्व सूर्यदेव और षष्ठी मैया को समर्पित होता है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। छठ महापर्व का पहला दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है

पांच दिनों तक दिवाली का उत्सव मनाने के बाद अब चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। आज छठ महापर्व का दूसरा दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली के बाद छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है। दिवाली पर जहां मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है वहीं छठ पर्व सूर्यदेव और षष्ठी मैया को समर्पित होता है। छठ पूजा 2022 की तिथियां   
दिन      छठ पूजा अनुष्ठान तिथि
छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय 28 अक्टूबर 2022, शुक्रवार
छठ पूजा का दूसरा दिन खरना 29 अक्टूबर 2022, शनिवार
छठ पूजा का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य 30 अक्टूबर 2022, रविवार
छठ पूजा का चौथा दिन  उषा अर्घ्य 31 अक्टूबर 2022, सोमवार

छठ पूजा अर्घ्य मुहूर्त 2022 

दिन   छठ पूजा अनुष्ठान तिथि
संध्या अर्घ्य  सूर्यास्त का समय 30 अक्टूबर -शाम 05 बजकर 37 मिनट से
उषा अर्घ्य सूर्योदय का समय 31 अक्टूबर- सुबह 06 बजकर 31 मिनट तक

छठ पूजा का धार्मिक महत्व

सूर्य उपासना का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार छठ पूजा माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार,हर वर्ष छठ पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से शुरू हो जाता है  छठ पूजा चार दिवसीय पर्व और उत्सव है। छठ पर्व के चार दिनों के दौरान भगवान सूर्य और उनकी बहन मां उषा की पूजा-अर्चना,अर्घ्य और मनोकामनाएं मांगी जाती हैं। छठ पर्व पर भगवान सूर्य के साथ षष्ठी मैया की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को दोनों का आशीर्वाद मिलता है। इन चार दिनों तक चलने वाले महापर्व पर व्रत,धार्मिक अनुष्ठान और मांगलिक कार्य किए जाते हैं। छठ पूजा के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने की विशेष परंपरा निभाई जाती है। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जहां पर सूर्य देव की आराधना डूबते हुए सूर्य को समर्पित करते हुए की जाती है। इसलिए यह त्योहार बहुत ही खास होता है।

छठ पूजन सामग्री और पूजा विधि

छठ भगवान सूर्य की आराधना और उपासना का महापर्व है। भगवान सूर्यदेव और छठ मैय्या का आशीर्वाद पाने के लिए विधि-विधान के साथ छठ पूजा करनी चाहिए। आइए जानते हैं छठ पूजा के लिए किन-किन सामग्री की जरूर होती है। बांस की 3 टोकरी, एक सूप, थाली, गिलास, दूध, नारियल, हल्दी,चावल, सिंदूर, दीपक, सब्जी, शकरकंद, गन्ना, पान,सुपारी , नींबू, शहद, फल,फूल, मिठाई,कपूर आदि। इसके अलावा पूजा के प्रसाद के लिए ठेकुआ, गुड-चावल से बना खीर, हलवा, मालपुआ और चावल के लड्डू।

सूर्यदेव कैसे दें अर्घ्य

छठ पूजा में सूर्यदेव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। षष्ठी तिथि पर सभी पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रख लें।

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