जमीन विवाद को लेकर यूपी में BJP के दो विधायक आमने-सामने, गाली-गलौज और हाथापाई भी हुई, जानिए पूरा मामला

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जमीन विवाद को लेकर यूपी में BJP के दो विधायक आमने-सामने, गाली-गलौज और हाथापाई भी हुई, जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में जमीन से जुड़े एक विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो विधायकों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया। मोहान सीट से भाजपा विधायक ब्रजेश रावत ने सदर विधायक पंकज गुप्ता और उनकी बहन दीप्ति गुप्ता पर जमीन कब्जाने की कोशिश, गाली-गलौज और हाथापाई करने का आरोप लगाया। मामला कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर नवीन मंडी के पास वाजिदपुर-राजेपुर गांव में एक जमीन से जुड़ा हुआ है। 

बीजेपी विधायक रावत ने कहा- ननिहाल से मिली जमीन

भाजपा विधायक ब्रजेश रावत ने कहा कि उन्हें ननिहाल से करीब छह बीघा जमीन मिली है जबकि उन्नाव सदर सीट से पार्टी विधायक पंकज गुप्ता का कहना है कि यह जमीन उन्होंने अपनी बहन दीप्ति गुप्ता के नाम पर खरीदी है। रावत ने दावा किया कि पूर्व में विवाद बढ़ने पर मामला दीवानी अदालत में दाखिल किया गया था, जहां से स्थगन आदेश मिल चुका है। 

जमीन पर लगावाए जा रहे थे खम्बे

उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को दीप्ति गुप्ता की ओर से जमीन पर खम्बे लगवाए जा रहे थे और जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। रावत ने उच्चाधिकारियों और सदर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई का अनुरोध किया। 

वहीं, सदर सीट से भाजपा विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि एक जमीन को लेकर उनका उनकी बहन से विवाद रहा है, जिसमें उनका नाम घसीटना गलत है। उन्होंने कहा कि जिस समय की घटना बताई जा रही है, उस समय वह एक कार्यक्रम में गये थे। 

निर्माण को विरोधियों ने जबरन गिरवाया

पंकज गुप्ता ने कहा, ‘जमीन के मामले में पैमाइश सबसे बड़ी चीज होती है। तहसील प्रशासन से नापजोख करा ले, जिससे साफ हो जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बहन की ओर से कराए जा रहे निर्माण को विरोधियों ने जबरन गिरवा दिया। 

डीएम तक पहुंची बात, जांच की मांग

विधायक ने कहा कि मामले का समाधान पैमाइश से ही हो सकता है। इस सिलसिले में उन्होंने जिलाधिकारी को एक पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और साक्ष्यों व अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है, जिसकी उच्चाधिकारी जांच कर रहे है और जैसा आदेश मिलेगा उस पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

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