UP: 17 को एंट्री, 18 को अपहरण-हत्या और 19 को वापसी, गोली मारकर की थी हत्या, इटावा मर्डर केस में बड़ा खुलासा

4 Min Read
UP: 17 को एंट्री, 18 को अपहरण-हत्या और 19 को वापसी, गोली मारकर की थी हत्या, इटावा मर्डर केस में बड़ा खुलासा

Etawah News: सीआरपीएफ जवान अभिषेक ने छुट्टी लेकर सुनियोजित तरीके से दोस्त मनीष की गोली मारकर हत्या की और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि हुई है। इटावा जिले में सीआरपी जवान अभिषेक ने सुनियोजित तरीके से मनीष का अपहरण करके हत्या की है। पुलिस की जांच में पता चला है कि जालंधर बेस कैंप से छुट्टी लेकर 17 फरवरी को अभिषेक घर आया था। 18 को उसने अपने दोस्तों के साथ अपहरण करके मनीष की हत्या की और 19 को मनीष के शव को रेलवे ट्रैक किनारे फेंककर आरोपी जालंधर रवाना हो गया था। मनीष और अभिषेक साथ में ही कई वर्षों से कोचिंग पढ़ रहे थे।

दोनों फोर्स में भर्ती होना चाहते थे। पढ़ने के दौरान ही उनका प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था। 2025 में आई भर्ती में अभिषेक की बहन का चयन हो गया था, जबकि मनीष सफल होने से रह गया था। अभिषेक को बहन के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चल गया था। मनीष और उसकी बहन मिलते भी थे। यह अभिषेक को अच्छा नहीं लगता था।  बताते हैं कि अभिषेक ने कई बार समझाया था, लेकिन दोनों मानने को राजी नहीं थे।

मेडिकल स्टोर संचालक की थी कार
इससे परेशान होकर अभिषेक ने हत्या की योजना बनाई थी। वह योजना के तहत ही 17 फरवरी को जिले में आया था। उसके बाद 18 को अपने दोस्त विपिन और दीपक को साथ लिया। इसके बाद सुबह कोचिंग के लिए निकले मनीष जो अपनी साइकिल खड़ी करने के बाद का गांव के बाहर वाहन का इंतजार कर रहा था। उसे लिफ्ट देने के बहाने उठाकर ले गए थे। एसएसपी ने बताया कि अपहरण में उपयोग की गई कार शास्त्री चौराहे पर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक की थी।

मनीष का शव रेलवे ट्रैक पर फेंक गए थे
इसे अभिषेक का दोस्त दीपक चलाता था और अपने साथ ही घर ले जाता था। अपहरण के बाद आरोपी मनीष को संतोषपुर घाट में ले गए। यहां उसकी हत्या कर दी। फिर उसके शव को लेकर आरोपी घूमते रहे।  19 फरवरी को हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बोरी में मनीष का शव रेलवे ट्रैक पर फेंक गए थे। शव को ठिकाने लगाने के बाद रात में ही जालंधर के लिए रवाना हो गया था।

बीएसएफ की नौकरी छोड़कर पुलिस में आई थी अभिषेक की बहन
मनीष और अभिषेक की बहन दोनों ही लंबे समय से फोर्स में जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। बताते हैं कि अभिषेक की बहन का बीएसएफ में चयन हो गया था। करीब चार महीने नौकरी करने के बाद अभिषेक की बहन ने बीएसएफ की नौकरी छोड़कर पुलिस विभाग ज्वाइन कर लिया था। हालांकि, मनीष का चयन नहीं हो पा रहा था।

पोस्टमार्टम में गोली मारकर हत्या की पुष्टि
एसएसपी ने बताया कि पांच डॉक्टरों के पैनल से मनीष का पोस्टमार्टम कराया है। पैनल में तीन सैफई के डॉक्टर और दो जिला अस्पताल के डॉक्टर शामिल थे। अभी तक गोली मारकर हत्या करने की बात बताई गई है।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version