जिले में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। एसआईआर के बाद इनकी मतदाता सूचियों में बड़ा फेरबदल हुआ है। करीब 8.36 लाख मतदाताओं के नाम कट गए हैं। जबकि 3.25 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी। इनका ब्योरा वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा। ऐसे में नोटिस जारी किए जा रहे हैं। दस्तावेज की जांच और सुनवाई हो रही है। बड़ी संख्या में सूचियों से मतदाताओं के नाम कटने के बाद प्रशासन एक तरफ पुराने तो दूसरी तरफ नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने पर जोर दे रहा है।
जिला निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार सात जनवरी से अब तक जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से लगभग 50 हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि जो लोग अब भी सूची से बाहर हैं, वे कल तक अपना आवेदन हर हाल में पूर्ण कर लें।
3.25 लाख मतदाताओं को नोटिस, 26 फरवरी तक दें जवाब
एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं का रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा। उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में नोटिस का जवाब देने के लिए मतदाता दस्तावेज लेकर राजकीय इंटर कॉलेज केंद्र पहुंचे। यहां सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अनुपस्थित मिले। गोकुलपुरा निवासी राजीव कुमार ने बताया कि उन्हें तीन दिन से चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई मतदाता फॉर्म-6 लेकर जमा कराने पहुंचे। लेकिन, उनके फॉर्म भी जमा नहीं हुए। राजकमल इंटर कॉलेज, केदार नगर में कई मतदाताओं को ऐसे नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें पिता का नाम और पता का जिक्र नहीं होना बताया गया, जबकि पिता का नाम सूची में दर्ज है। ऐसे मतदाता बार-बार कागज जमा करने के लिए परेशान रहे।
फटाफट करें ये काम:
– कल तक समय सीमा: सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने का आखिरी दिन।
– ऑनलाइन विकल्प: वोटर हेल्पलाइन एप या निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग करें।
– नोटिस का जवाब: यदि नोटिस मिला है, तो 26 फरवरी से पहले संबंधित केंद्र पर साक्ष्य जमा करें।

