पेठा और दालमोठ की तरह आगरा के पराठे को वैश्विक पहचान मिलेगी। बेलनगंज से शुरू हुए लजीज पराठों का स्वाद पूरी दुनिया में पहुंच सकेगा। प्रदेश सरकार ने एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में पराठे को पेठा, गजक, दालमोठ के साथ शामिल किया है। खास मवर्षों और देसी स्वाद के कारण आगरा के पराठे पर्यटकों की पसंद रहे हैं।
पर्यटक सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक पराठे का स्वाद लेना पसंद करते हैं। योगी सरकार एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत इन पारंपरिक व्यंजनाें को दुनिया भर के बाजार से जोड़कर पहचान दिलाएगी। ये सभी व्यंजन ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से भी जोड़े जाएंगे। इससे स्थानीय कारोबारियों को एक बड़ा डिजिटल बाजार मिलेगा।
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ओडीओसी योजना के तहत कारोबारियों को क्वालिटी प्रोडक्ट तैयार करने, पैकेजिंग को बेहतर बनाने और ब्रांडिंग मजबूत करने के लिए सरकार 20 लाख रुपये तक की सहायता देगी। कारोबारियों और वेंडर्स को अलग-अलग विभागों के सहयोग से विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे उनका व्यापार नई ऊंचाइयों को छू सके।
प्रमुख पेठा कारोबारी अमित गोयल ने बताया कि इस योजना से आगरा की खाद्य उद्योग तेजी से बढ़ेगा। पेठा को पहचान मिलने के बाद उसके कारोबार और निर्यात में भारी बढ़ोतरी हुई थी। अगर सरकार की मदद से पैकेजिंग इंटरनेशनल स्टैंडर्ड की हो जाए तो देश और दुनिया में मांग तेजी से बढ़ सकती है।

