माध्यमिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्तियों की दो साल में भी फाइल नहीं मिल सकी है। वर्तमान में इस मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है। नियुक्ति संबंधी फाइलें न मिलने की वजह से जांच अधर में है।
अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षक, लिपिक और कर्मचारियों की करीब 41 नियुक्तियां पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार के कार्यकाल में हुई थी। यह मामला शासन के स्तर तक पहुंच गया था और विभाग को जांच के निर्देश दिए गए थे। इस खेल में विद्यालय संचालकों के साथ विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई थी। विभागीय जांच के दौरान किसी भी नियुक्ति की फाइल नहीं मिली।
डॉ.कर्ण सिंह इंटर कॉलेज रहलई, स्वामी लीलाशाह आदर्श सिंधी इंटर कॉलेज शाहगंज, डीएवी इंटर कॉलेज कुंडौल, जनता इंटर कॉलेज खेरागढ़, डीसी वैदिक इंटर कॉलेज भोगीपुरा, भोलानाथ सर्राफ इंटर कॉलेज जगनेर और नानिराम इंटर कॉलेज दुल्हारा के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को पत्रावलियां उपलब्ध कराने के लिए पत्र भी भेजा गया था। किसी भी विद्यालय की तरफ से कोई पत्रावली नहीं दी गई। इसके बाद मामला बढ़ने पर शासन के स्तर से जांच एसआईटी को दी गई। अब तक यह जांच पूरी नहीं हो सकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि यह प्रकरण उनके कार्यकाल से पहले का है। पत्रावलियां संबंधी कोई जानकारी नहीं है।

