UP: आलू की कीमत 6.5 रुपये प्रति किलो, सरकार ने तय किया दाम; किसानों के सामने खड़ी हो गई नई मुसीबत

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UP: आलू की कीमत 6.5 रुपये प्रति किलो, सरकार ने तय किया दाम; किसानों के सामने खड़ी हो गई नई मुसीबत

पहले ही सब्जियों का राजा आलू किसानों की हालात फकीरों जैसी किए है। भविष्य में कुछ हालात सुधरने की आस थी, उस पर केंद्रीय कृषि मंत्री की लागत से भी आधे दर पर खरीदने की घोषणा ने पानी फेर दिया है। किसान 6500.90 रुपये प्रति टन की दर पर खरीद को लागत दर से आधा मान रहे हैं। वह कृषि मंत्री को पत्र लिखकर मूल्य पर पुनर्विचार की मांग करेंगे।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने आलू की कीमतों में गिरावट रोकने के लिए 20 लाख टन सरकारी खरीद की बात कही है। इसमें 6500.90 रुपये प्रति टन बाजार हस्तक्षेप मूल्य पर खरीद को मंजूरी दी है। उनका मानना है कि खरीद से किसानों की राहत मिलेगी। जबकि किसान इसे लागत से आधा मान रहे है। उनका कहना है कि 6500.90 रुपये प्रति टन की दर से करीब 6.5 रुपये किलो भाव हुआ, जबकि लागत औसतन मूल्य 10 से 12 रुपये किलो आता है। वर्तमान में भी आगरा से दक्षिण की मंडियों के लिए शीतगृहों से आलू औसतन 8 से 9 रुपये प्रति किलो व्यापारी खरीद रहे हैं।

सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए
6.5 रुपये किलों की खरीद करने से अच्छा था कि सरकार खरीद की घोषणा न करे। जब लागत मूल्य 10 से 12 रुपये आता है इसके बाद शीतगृह का किराया अलग से तो सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। इसके लिए कृषि मंत्री को पत्र लिखेंगे। – मोहन सिंह चाहर, किसान नेता

लागत मूल्य हो कीमत का आधार
ऐसा लगता है भाव को तय करते समय लागत का मूल्य को आधार नहीं बनाया गया है। ऐसी सरकारी खरीद से क्या फायदा जो लागत भी अदा न कर सके। हमारा प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात करेगा। इस पर पुनर्विचार कर भाव सुधार की मांग करेगा।- कप्तान सिंह चाहर, नेता, रालोद

जिले में भंडारित आलू की स्थित
उद्यान अधिकारी सुनीता सिंह ने बताया कि जिले में 332 शीतगृह है। इस बार 27.55 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित हुआ है। जो कुल क्षमता का करीब 90 फीसदी है। वहीं, मंडी समिति सचिव अजय प्रताप ने बताया कि मंडी में अभी डंप का आलू आ रहा है जो थोक में 5 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है।

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