UP: मेहंदी सजे दुल्हन के हाथ, चौखट पर पिता और भाई की लाशें, फिर आई तीसरी मौत की खबर; चीखों ने चीर दिया कलेजा

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UP: मेहंदी सजे दुल्हन के हाथ, चौखट पर पिता और भाई की लाशें, फिर आई तीसरी मौत की खबर; चीखों ने चीर दिया कलेजा

आगरा के बिचपुरी हादसे में पिता और बेटे की मौत के बाद परिवार अंतिम संस्कार से लौटा ही था कि दूसरे बेटे की मौत की खबर ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। आगरा के बिचपुरी में हुए हादसे में ऑटो चालक नेम सिंह और बेटे शिवम की मौत हो गई, जबकि पत्नी और दो बेटे अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हादसे की खबर मिलने पर सदरवन में शादी वाले घर में हंसी-ठिठोली की जगह करुण क्रंदन शुरू हो गया। नेम सिंह के चारों भाई दिल्ली में रहकर ऑटो चलाकर आजीविका चला रहे थे। हादसे के बाद वे भी गांव पहुंचे और शाम को पिता-पुत्र की अर्थियां उठाई गईं तो हर आंख नम हो गई। पिता पुत्र का अंतिम संस्कार करके घरवाले श्मशान घाट से लौट भी नहीं पाए थे तब तक दूसरे बेटे निखिल की मौत की खबर भी आते ही हर शख्स बिलख उठा।

हादसे में मृत नेम सिंह चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। खुद का ऑटो चलाते थे। बड़े भाई थान सिंह और सबसे छोटे नरेंद्र भी किराये पर ऑटो चलाते हैं, जबकि भाई खजान सिंह मजदूरी करते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण चारों भाई रोजगार के लिए दिल्ली में रह रहे थे। थान सिंह ने बताया कि नेम सिंह की शादी करीब 16 वर्ष पहले इरादतनगर के गांव वृथला निवासी कांता से हुई थी। बेटा शिवम कक्षा आठ का छात्र था। वहीं घायल निखिल कक्षा सात का छात्र था। सबसे छोटा प्रशांत तीसरी कक्षा का छात्र है।

परिवार के लोगों ने बताया कि 15 साल पहले चारों भाई दिल्ली गए थे। गांव में एक मकान है। खेती को बंटाई पर दे देते हैं। नेम सिंह हर तीन से चार महीने में गांव आया करते थे। कहते थे कि दिल्ली में कुछ पैसा जुटाने के बाद गांव में वापस आ जाएंगे। अपना मकान अच्छा बना लेंगे। गांव में ही ऑटो चलाकर अपना जीवन यापन करेंगे। चचेरी बहन की शादी का पता चलने पर वो पहले से तैयारी में जुट गए थे।

उनके सामने समस्या थी कि वह अपना ऑटो कहां पर खड़ा करते क्योंकि किराये का घर छोटा था। शादी में 8 से 10 दिन रुकना था। पुलिस ने हादसे की जानकारी दी तो परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां पर करुण क्रंदन गूंज उठा। दिल्ली से अन्य भाई और माता पिता भी गांव पहुंच गए।

गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
पुलिस ने पिता-पुत्र के शवों का दोपहर में पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया। दोपहर करीबन 3:30 बजे जब पिता-पुत्र के शव गांव सदरवन पहुंचे तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शादी वाले घर में मातम पसर गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। नेम सिंह को मुखाग्नि बड़े भाई थान सिंह ने दी, जबकि शिवम को मुखाग्नि उसके तहेरे भाई संस्कार ने दी। परिवार के लोग श्मशान घाट से लौटे भी नहीं थे कि तभी दूसरे बेटे निखिल (10) की मौत की खबर पहुंच गई। इससे गांव का माहौल और गमजदा हो गया।

सादा समारोह में होगी शादी
परिवार के लोगों ने बताया कि 3 माैतों के बाद परिवार अब शादी सादा तरीके से करना चाहते हैं। रिश्तेदार भी गिने चुने ही आएंगे। शादी की सिर्फ रस्म अदा कराई जाएंगी। दुल्हन बनी बहन के आंसू नहीं थम रहे थे।

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