आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र स्थित महावीर नगर निवासी ट्रांसपोर्टर बालमुकुंद की हत्या में आरोपी पिंटू को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। तीन आरोपी गजेंद्र सिंह, उसके दोनों बेटे घर से भाग गए हैं। उनकी तलाश में चार टीमें लगी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में पता चला कि बालमुकुंद को पहले लाठी-डंडे से बर्बरता से पीटा गया था। इससे उनके एक हाथ-एक पैर की हडि्डयां टूट गईं। इसके बाद नारखी में ले जाकर फेंक दिया गया था।
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि आरोपी पिंटू सिंह निवासी ककरऊ कोठी, थाना उत्तर को सोमवार सुबह 11.38 बजे नगला पान सहाय स्थित शनिदेव मंदिर के पास से इंस्पेक्टर अंजीश कुमार ने गिरफ्तार किया। वह हत्याकांड के बाद भागने की फिराक में था। उसने पूछताछ में बताया कि उसके भाई ठा. गजेंद्र सिंह निवासी ककरऊ कोठी, थाना उत्तर और बालमुकंद दुबे (45) निवासी महावीर नगर, ट्रांस यमुना कॉलोनी के बीच 30 साल से ट्रांसपोर्ट कारोबार में साझेदारी थी। साझेदारी में ही चार कैंटर फर्म के नाम पर खरीदी गईं थीं। हाथीघाट और फिरोजाबाद के जैन मंदिर के पास कार्यालय खोला गया था। जैन मंदिर वाले कार्यालय की जमीन भी साझेदारी की है।
उसने बताया कि रविवार को बालमुकुंद के एक लोड कैंटर के साथ आने की सूचना मिली थी। इस पर वह ककरऊ कोठी स्थित ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो वहां पर बालमुकुंद, कैंटर चालक सुभाष, बालमुकुंद का दोस्त शिवशंकर थे। पहले वहां माल अनलोड कराने पर विवाद हुआ था। इसके बाद भाई गजेंद्र सिंह, भतीजा अंकुश, नितिन और वह खुद बालमुकुंद को वहां से बैठाकर कैंटर सहित जैन मंदिर के पास स्थित जय भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय ले आए थे। यहां बालमुकुंद द्वारा विरोध, अभद्रता करने पर उसके साथ लाठी-डंडे से मारपीट की गई। इसमें उसका हाथ और पैर टूट गया तो सभी लोग घबरा गए थे। इसके बाद बालमुकुंद को कैंटर में बैठाकर भतीजा नितिन 7 बजे के बाद नारखी इलाके में ले गया था और कैंटर को रोड किनारे खड़ा करने के बाद बालमुकुंद को मरणसन्न हालत में रोड किनारे फेंककर फरार हो गया था।
मरणसन्न पड़ा रहा बालमुकुंद, नारखी और उत्तर थाना पुलिस सूचनाओं में उलझी
इधर, इस घटना के संबंध में ककरऊ कोठी के पास कैंटर छीने जाने की सूचना थाना उत्तर पुलिस को शिवशंकर की ओर से दी गई थी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता लगा कि साझेदारी का विवाद था। इंस्पेक्टर के अनुसार इस दौरान उनको बालमुकुंद के साथ मारपीट की घटना के बारे में बताया ही नहीं गया। इधर, 9 बजे करीब किसी राहगीर ने बालमुकुंद को नारखी इलाके में रोड किनारे मरणसन्न पड़ा देखने के बाद थाना नारखी और एंबुलेंस को सूचना दी थी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची थी और बालमुकुंद को अज्ञात घायल के तौर पर जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया था, तब तक बालमुकुंद को सड़क हादसे में घायल ही समझा जा रहा था। बाद में जब बालमुकुंद की जेब से मिले पहचान संबंधी दस्तावेज से उसके परिवार से बात की गई और थाना उत्तर पुलिस ने घटना को कैंटर छीनने की सूचना से लिंक करते हुए जांच की 10 बजे के बाद यह पूरा प्रकरण हत्या के रूप में खुला था।
कानपुर से आकर 30 साल पहले बसा था फिरोजाबाद में गजेंद्र का परिवार
हत्याकांड का आरोपी गजेंद्र सिंह मूलरूप से कानपुर नगर का रहने वाला है। उसने 30 साल पहले फिरोजाबाद की राह पकड़ी थी। यहां पहले तो छोटा-मोटा काम किया। इसके बाद उसने आगरा के बालमुकुंद के साथ मिलकर ट्रांसपोर्ट कंपनी खोल ली थी।
हत्या की मुख्य वजह, भाड़े का विवाद और व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता
मृतक बालमुकुंद और आरोपी गजेंद्र सिंह आगरा स्थित जय भवानी ट्रांसपोर्ट एंड कमीशन एजेंसी में पार्टनर थे। हाल के दिनों में दोनों के बीच दरार आ गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आगरा से लोड होने वाले माल के भाड़े को गजेंद्र अकेले ही हड़पने लगा था, जिससे दोनों के बीच झगड़ा शुरू हुआ। विवाद के बाद बालमुकुंद ने आगरा से बुक होने वाले माल को फिरोजाबाद में अपनी साझा फर्म के बजाय अन्य ट्रांसपोर्ट एजेंसियों पर उतारना शुरू कर दिया था। गजेंद्र इस बात से नाराज था कि बालमुकुंद साझेदारी वाली कंपनी की बुकिंग का माल अपनी गाड़ियों से दूसरी एजेंसियों को क्यों भेज रहा है।
मृतक के परिजन को दी पिंटू की गिफ्तारी की सूचना
मृतक बालमुकुंद की पत्नी रूबी देवी, उनकी दोनों बेटी रूपम, साक्षी और बेटे शिवम का पिता की हत्या के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को भी थाना उत्तर पुलिस ने उनसे वार्ता की और परिवार को समझाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही पिंटू की गिरफ्तारी की सूचना भी परिवार को दी गई। थाना उत्तर के इंस्पेक्टर अंजनीश कुमार सिंह ने बताया कि वह इस हत्याकांड की खुद विवेचना कर रहे हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। चश्मदीद शिवशंकर ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस और परिजन को दी है, जिसके आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बेटे शिवम ने दी मुखाग्नि
बालमुकुंद का शव रविवार रात घर लाया गया था। सोमवार सुबह 11:30 बजे शव को फाउंड्री नगर स्थित कबीर घाट पर ले जाया गया। बेटे शुभम ने मुखाग्नि दी। पति की माैत के बाद पत्नी रूबी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बेटी साक्षी और रूपम भी रोए जा रही थीं। बेटे ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। घटना के बाद से परिवार दहशत में है।

