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सामान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला प्रदेश बनेगा उत्तराखंड: धामी

नैनीताल-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश में पहला प्रदेश उत्तराखंड बनने जा रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद उत्तराखंड मॉडल प्रदेश के रूप में जाना जाएगा।

नैनीताल-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश में पहला प्रदेश उत्तराखंड बनने जा रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद उत्तराखंड मॉडल प्रदेश के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि इसको लेकर कमेटी गठित कर दी गई है। साथ ही संहिता को लेकर कार्य योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को हर मंडल और बूथ से सौ लोगों के सुझाव आवश्यक रूप से बनाए गए पोर्टल पर भेजने के निर्देश दिए हैं। 2025 में राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रदेश का विकास मॉडल पेश करने के बात कार्यकर्ताओं से कही। उन्होंने कहा कि वह हर जिले का दौरा कर स्वयं विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। 2025 को लेकर अधिकारियों को तीन वर्षीय रोड मैप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अपने नैनीताल दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल क्लब में बीजेपी कार्यकर्ताओ से मुलाकात की।दरअसल नैनीताल में तीन दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया जाना था लेकिन बारिस की वजह से इसे फिलहाल स्थगित कर दिया है।मुख्यमंत्री ने नैनीताल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार की प्रतिबद्धता दुहरायी, कहा कि इसको लेकर सचिवालय स्तर पर विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी राज में औपचारिकताएं समाप्त हो रही हैं। अधिकारियों को अपने दायित्वों से उठकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को 10 वर्षीय और 3 वर्षीय रोड मैप बनाकर विकास कार्य करने को कहा गया है। 2025 में प्रदेश की स्थापना की रजत जयंती पर उत्तराखंड विकास के मामले में देश की शीर्ष राज्यों में गिना जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जन कल्याण और गरीब कल्याण योजनाओं का सफल संचालन होने की बात कही। साथ ही कहा कि समान नागरिकता संहिता बनाने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बनने जा रहा है। जिसको लेकर कमेटी गठित कर जनसंवाद शुरू कर दिया गया है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को हर मंडल और बूथ से कम से कम 100 लोगों के सुझाव पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि उत्तराखंड में बनाए जा रहे समान नागरिकता संहिता को ड्राफ्ट के तौर पर देश में मॉडल की तरह पेश किया जाएगा। देश के अन्य राज्य उत्तराखंड में तैयार की गई संहिता को अपने वहां लागू करेंगे।

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