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Facebook twitter wp Email affiliates पांच दंपतियों के उतरने से रोचक हुआ गोवा विधानसभा चुनाव, जानें किस पार्टी ने किसे दिया टिकट

अगले महीने होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव में इस बार कई दलों के योद्धाओं के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। वैसे इस बार का चुनाव एक और वजह से दिलचस्प रहने वाला है। दरअसल इस बार पांच दंपती भी गोवा के रण में उतरेंगे।

अगले महीने होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव में इस बार कई दलों के योद्धाओं के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। वैसे इस बार का चुनाव एक और वजह से दिलचस्प रहने वाला है। दरअसल इस बार पांच दंपती भी गोवा के रण में उतरेंगे। यदि वे सभी निर्वाचित हो जाते हैं, तो वे 40 सदस्यीय गोवा सदन की कुल संख्या का एक चौथाई हिस्सा बन जाएंगे। भाजपा ने जहां दो जोड़ों को मैदान में उतारा है, वहीं अपने एक ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाया है, जिनकी पत्‍‌नी निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने एक-एक जोड़े को टिकट दिया है। भाजपा नेता विश्वजीत राणे वलपोई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनकी पत्‍‌नी दिव्या ने भाजपा के टिकट पर पोरिम निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया है। वर्तमान में पोरिम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व दिव्या के ससुर कांग्रेस के प्रताप सिंह राणे कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस विधानसभा क्षेत्र से प्रतापसिंह राणे को टिकट दिया है। भाजपा ने पणजी विधानसभा क्षेत्र से अतनासियो मोंसेरेट और तालेगाओ सीट से उनकी पत्‍‌नी जेनिफर को टिकट दिया है। उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर और उनकी पत्‍‌नी सावित्री कावलेकर भी मैदान में हैं। चंद्रकांत को भाजपा ने क्यूपेम सीट से मैदान में उतारा है, लेकिन सावित्री को सांगुम विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने टिकट देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद सावित्री सांगुम निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने माइकल लोबो और उनकी पत्‍‌नी डलैला को क्रमश: कलांगुटे और सियोलिम निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है। तृणमूल कांग्रेस ने एल्डोना निर्वाचन क्षेत्र से किरण कंडोलकर को टिकट दिया है, जबकि उनकी पत्‍‌नी कविता थिविम निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी।गोवा में विधानसभा चुनाव 14 फरवरी को होंगे और मतों की गिनती 10 मार्च को होगी। पणजी, आइएएनएस: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गुरुवार को सैंकलिम निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर के पुत्र उत्पल पर्रीकर ने भी गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल किया। पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर, जिन्होंने पिछले सप्ताह भाजपा से इस्तीफा दे दिया, ने मंड्रेम विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। पणजी सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद भाजपा छोड़ चुके उत्पल पर्रीकर ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया  

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