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रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर PM नरेंद्र मोदी का अगला फैसला क्या होगा?

रूस-यूक्रेन के बीच जारी टकराव (Russia Ukraine Conflict) का आज 21 वां दिन है. यूक्रेन और रूस के बीच चल रही रस्साकसी के बीच लगता है

रूस-यूक्रेन के बीच जारी टकराव (Russia Ukraine Conflict) का आज 21 वां दिन है. यूक्रेन और रूस के बीच चल रही रस्साकसी के बीच लगता है कि अमेरिका (US) में राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) से लेकर सीनेट के बड़े बड़े धुरंधरों के दिमाग में सिर्फ ये चल रहा है कि रूस (Russia) को लेकर भारत (India) और पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार का अगला कदम (India stand on Russia) क्या होगा. इसी वजह से कई दिनों से अमेरिकी सत्ता के गलियारों के दूसरे सबसे बड़े पावर हब यानी व्हाइट हाउस (White House) में भी भारत के नाम की माला जपी जा रही है, कैसे आइए बताते हैं.  

अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता क्या है?

व्हाइट हाउस की प्रेस सेकेट्री ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में कहा है कि दुनिया के देशों को ये सोचना चाहिए कि इस समय के घटनाक्रम को लेकर जब भविष्य में इतिहास की किताबें लिखी जाएंगी तो वो सभी देश ये विचार करें वो किस तरफ खड़े होना चाहेंगे. फिलहाल रूसी नेतृत्व को समर्थन देना किसी विनाशकारी प्रभाव वाले आक्रमण को दी गई छूट है. जो बाइडेन प्रशासन ने कहा कि उनकी चिंता की एक वजह ये भी है क्योंकि भारत कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) को लेकर रूसी पेशकश पर को किस तरह से लेगा. अमेरिकी प्रशासन को लगता है कि भारत ने रूस का ऑफर स्वीकार किया तो उनके लिए आर्थिक मोर्चे के हालात पर काबू पाना मुश्किल होगा.

भारत प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं कर रहा लेकिन….

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये भी कहा गया है कि भारत, अमेरिकी प्रतिबंधों (Sanctions) का उल्लंघन नहीं कर रहा है लेकिन रूस की ऑयल डील कहीं नई दिल्ली को इतिहास में गलत दिशा में न खड़ा कर दे. यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) का बड़ा ऐलान किया है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर भी रूस में एंट्री पर पाबंदी लगाई गई है. दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच में जो कुछ भी चल रहा है उसमें रूस को काउंटर करने के लिए बाइडेन, सिवाए रूस के लिए अपना एरियल स्पेस ब्लॉक करने, व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin), उनके खास सहयोगियों और रूसी कंपनियों को बैन लगाने के अलावा कोई खास बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाए हैं. भारत दुनिया की तेदी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ नई महाशक्ति बन कर उभर रहा है इसलिए अमेरिका को ये चिंता खाए जा रही है कि कहीं यूक्रेन और रूस की नूराकुश्ती में भारत, खुलकर रूस (Russia) के साथ न हो जाए.

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