अब क्या करेंगे पप्पू यादव? ना लालू ने साथ दिया ना कांग्रेस ने; बीच में फंस गई नैया

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पटना। पप्पू यादव ने पूर्णिया लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय करने के बावजूद वह निर्दलीय ही चुनावी मैदान में उतर गए हैं। उनके इस कदम से कांग्रेस पार्टी खासा नाराज है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने गुरुवार को ही पप्पू यादव को नामांकन वापस लेने के लिए कह दिया था। हालांकि, अभी तक पप्पू ने ऐसा नहीं किया है।

कांग्रेस में कोई विवाद नहीं

वहीं, शुक्रवार को एक बार फिर अखिलेश सिंह ने अपनी बात दोहराई। उन्होंने साफ किया कि सीटों को लेकर कांग्रेस में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आला नेतृत्व महागठबंधन की सीट शेयरिंग पर मुहर लगा चुका है।

इस दौरान अखिलेश ने मीडिया पर भी सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि ये आप लोगों (मीडिया) की समस्या है। आप लोग समस्या खड़ी करना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी को कोई समस्या नहीं है।

किसी को इजाजत नहीं

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने दोहराया कि किसी भी उम्मीदवार को निर्दलीय लड़ने की इजाजत कांग्रेस पार्टी ने नहीं दी है। हमें 9 सीटें मिली है। 26 सीटों पर राजद को हम समर्थन देंगे और पांच सीटों पर वाम दलों को समर्थन देंगे।

नामांकन वापस लेना होगा

इससे पहले, गुरुवार को अखिलेश सिंह ने पप्पू यादव को चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि उन्हें अपना नामांकन वापस लेना होगा। अखिलेश सिंह ने भागलपुर में पार्टी उम्मीदवार अजीत शर्मा के नामांकन के बाद बताया कि महागठबंधन के घटक दल और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नौ सीटों पर बिहार में चुनाव लड़ रही है। कोई भी निर्दलीय के रूप में नामांकन करता है तो वह कांग्रेस का उम्मीदवार नहीं हो सकता है। कांग्रेस ने पूर्णिया से किसी भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है।

 

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