‘आज के जमाने में 5 बच्चे कौन करता है, भेड़-बकरियों की तरह पालोगे’, जब महिला कलेक्टर ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

3 Min Read
‘आज के जमाने में 5 बच्चे कौन करता है, भेड़-बकरियों की तरह पालोगे’, जब महिला कलेक्टर ने अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

एक ओर जहां धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ‘चार बच्चे पैदा करो’ वाले बयान को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। वहीं, दूसरी ओर मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे छोटे परिवार का संदेश देती नजर आ रही हैं।

अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

दरअसल, कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने शनिवार को मैहर के सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब वे मेटरनिटी वार्ड पहुंचीं, तो एक महिला द्वारा पांच बच्चों को जन्म देने की जानकारी सामने आई।

छोटा परिवार ही बेहतर भविष्य

यह सुनते ही कलेक्टर ने मौके पर ही महिला को समझाया। उन्होंने कहा कि इतने अधिक बच्चों का पालन-पोषण और उनकी बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करना आसान नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि छोटा परिवार ही बेहतर भविष्य की नींव होता है।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर भड़कीं कलेक्टर

इस दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता फैलाने में कहीं न कहीं कमी रह गई है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और स्टाफ को निर्देश दिए कि वे लोगों को छोटे परिवार के फायदे, मातृ स्वास्थ्य और बच्चों की बेहतर परवरिश के बारे में जागरूक करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मचारी गांव-गांव जाकर परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करें।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का 4 बच्चे पैदा करने वाला बयान

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान चार बच्चे पैदा करो, दो परिवार के लिए और दो स्वयं सेवक संघ के लिए दो। इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में मैहर कलेक्टर का यह संदेश एक अलग दिशा में जाता हुआ दिखाई दे रहा है, जहां प्रशासन सीमित परिवार, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर दे रहा है। 

कुल मिलाकर, यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जनसंख्या को लेकर दिए जा रहे अलग-अलग बयान हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन का फोकस जमीनी हकीकत और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर है। 

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version