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साबरमती आश्रम पहुंचे पीएम बोरिस जानसन

महात्मा गांधी की शिष्या ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा साबरमती आश्रम द्वारा यूके के पीएम बोरिस जानसन को उपहार में दी जाएगी।

श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर लाल किला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी शिरकत करेंगे। पीएम मोदी लाल किले से राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु तेग बहादुर के सम्मान में डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन आज भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। बोरिस जानसन दिल्ली में 22 अप्रैल को पीएम मोदी से मिलेंगे। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि 15 से 18 आयु वर्ग के 55 फीसदी ज्यादा युवाओं का संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण पूर्ण हो चुका है

 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उषा पाधी ने बताया कि लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार 2020 हमारी उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना को मिला है। प्रधानमंत्री जी की जो मंशा है कि आम आदमी भी हवाई जहाज की यात्रा कर सके उसका परिणाम उड़ान योजना है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के माध्यम से लोगों को किफायती दाम में हवाई सेवा दी जाती है। अभी तक हमने 67 छोटे शहरों को 419 नई हवाई सेवाओं से जोड़ा है। हमारा लक्ष्य है कि हम 2026 तक 100 एयरपोर्ट और 1,000 नए हवाई रूट छोटे शहरों तक पहुंचाएं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने नई दिल्ली में डा अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) दिवस के कार्यक्रम में शिरकत की।

यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन अहमदाबाद के साबरमती आश्रम पहुंचे। महात्मा गांधी की शिष्या रहीं मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा द स्पिरिट्स पिलग्रिमेज यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन को साबरमती आश्रम द्वारा उपहार में दी जाएगी।

उत्तराखंड के चंपावत से विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चंपावत विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ेंगे।

महात्मा गांधी की शिष्या रहीं ब्रिटिश एडमिरल की बेटी मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा साबरमती आश्रम द्वारा यूके के पीएम बोरिस जानसन को उपहार में दी जाएगी। महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई पहली दो पुस्तकों में से यह एक है। जो कभी प्रकाशित नहीं हुई।

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