नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। 14 अगस्त 2026 से लागू नई दरों के तहत डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर टैक्स घटाया गया है, जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, नई दरें अगले 15 दिनों की अवधि के लिए लागू रहेंगी। इस टैक्स की हर पखवाड़े समीक्षा की जाती है।
डीजल और ATF पर कितनी हुई कटौती?
सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
वहीं, ATF के निर्यात पर SAED की दर 22 रुपये से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
| ईंधन | पुरानी दर | नई दर |
|---|---|---|
| डीजल एक्सपोर्ट | ₹25.5/लीटर | ₹24/लीटर |
| ATF एक्सपोर्ट | ₹22/लीटर | ₹19.5/लीटर |
| पेट्रोल एक्सपोर्ट | ₹3.5/लीटर | ₹0 |
पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स हुआ शून्य
सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स को 3.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। यानी 14 अगस्त से पेट्रोल के निर्यात पर यह अतिरिक्त कर नहीं लगेगा।
सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ईंधन बाजार पर दबाव बना हुआ है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं
इस फैसले का घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मौजूदा शुल्क से कोई सीधा बदलाव नहीं हुआ है। यानी सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल की मौजूदा शुल्क दरों को यथावत रखा है।
विंडफॉल टैक्स मुख्य रूप से उन असाधारण लाभों पर लगाया जाता है, जो कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से मिल सकते हैं।
अगस्त में ही बढ़ाया गया था टैक्स
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने इससे पहले 3 अगस्त 2026 से इन दरों में बढ़ोतरी की थी। उस समय डीजल पर टैक्स ₹15.5 से बढ़ाकर ₹24 प्रति लीटर, ATF पर ₹14.5 से बढ़ाकर ₹22 प्रति लीटर और पेट्रोल पर ₹2.5 से बढ़ाकर ₹3.5 प्रति लीटर किया गया था।
अब 14 अगस्त से डीजल और ATF पर यही दरें घटा दी गई हैं और पेट्रोल को पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दिया गया है।
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
पेट्रोलियम उत्पादों पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स की दरें स्थायी नहीं हैं। सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और ईंधन बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए हर 15 दिन में इनकी समीक्षा करती है।
ऐसे में अगले पखवाड़े में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर इन दरों में फिर बदलाव संभव है।

