स्वास्थ्य

पानी पीते रहने से बेहतर हाइड्रेशन के साथ इस जानलेवा बीमारी का जोखिम हो जाता है कम

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है

 पानी पीते रहने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बेहतर बना रहता है, साथ ही इसे हाइड्रेशन के लिए भी बहुत आवश्यक माना जाता है। जो लोग कम पानी पीते हैं उनमें किडनी स्टोन, कमजोरी, थकान, तंत्रिकाओं की समस्या के साथ कई अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ अधिक पानी पीने से कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का जोखिम भी कम हो जाता है? एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने ऐसा ही दावा किया है।

‘यूरोपियन हार्ट जर्नल’ में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने से शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ भविष्य में दिल की गंभीर बीमारियों विशेषकर हार्ट फेलियर का जोखिम कम हो जाता है। अमेरिका में 6.2 मिलियन से अधिक लोग हर साल हार्ट फेलियर के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर सिर्फ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बेहतर जीवनशैली पर ही ध्यान दे दिया जाए तो हृदय रोग सहित कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव किया जा सकता है। आइए आगे इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

पानी पीते रहना हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि कुछ स्थितियां जानलेवा हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकती हैं। सोडियम और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन इसका प्रमुख जोखिम कारक मानी जाती रही हैं। अगर सोडियम के सेवन को कम करने के साथ दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहा जाए तो हृदय रोगों के खतरे से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। कुछ दशकों पहले तक हृदय रोगों को उम्र के साथ होने वाली समस्या माना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसके तेजी से शिकार होते जा रहे हैं।

अध्ययन में क्या पता चला? प्रीक्लिनिकल शोध में वैज्ञानिकों ने निर्जलीकरण और कार्डियक फाइब्रोसिस के बीच संबंध का पता लगाया है। कार्डियक फाइब्रोसिस की स्थिति में हृदय की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। इस अध्ययन के लिए 45-66 आयु वर्ग के 15,000 से अधिक वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के आखिरी विश्लेषण में इनमें से 11,814 वयस्कों को शामिल किया गया,  जिसमें से 1,366 (11.56 प्रतिशत) में हार्ट फेलियर की समस्या का पता चला।

सीरम सोडियम बढ़ना हानिकारक विश्लेषण के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि सीरम सोडियम लेवल का बढ़ना और हाइड्रेशन की कमी लोगों में हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा देती है। आंकड़ों के आधार पर, लेखकों ने निष्कर्ष निकाला है कि मध्यम आयु में सीरम सोडियम का स्तर 142 mEq/L से ऊपर होना आगे चलकर लेफ्ट वेंट्रिकुलर हाइपरट्रॉफी और हार्ट फेलियर के खतरे को बढ़ा देती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने वाले लोगों में सीरम सोडियम का स्तर सामान्य बना रहता है जो उनमें हृदय रोग के खतरे को कम कर सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? लेबोरेटरी ऑफ कार्डियोवैस्कुलर रीजेनरेटिव मेडिसिन के एमडी और अध्ययन के लेखकों में से एक मैनफ्रेड बोहेम कहते हैं, सीरम सोडियम का आसानी से नैदानिक परीक्षाओं में मूल्यांकन किया जा सकता है, इससे आपमें हृदय रोगों के जोखिमों का अंदाजा लगाना आसान हो सकता है। जिस तरह से दुनियाभर में हृदय रोगों के कारण मृत्युदर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, ऐसे में सभी लोगों को इससे बचाव के उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए। पानी पीते रहना इसका सबसे आसान उपाय हो सकता है। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? लेबोरेटरी ऑफ कार्डियोवैस्कुलर रीजेनरेटिव मेडिसिन के एमडी और अध्ययन के लेखकों में से एक मैनफ्रेड बोहेम कहते हैं, सीरम सोडियम का आसानी से नैदानिक परीक्षाओं में मूल्यांकन किया जा सकता है, इससे आपमें हृदय रोगों के जोखिमों का अंदाजा लगाना आसान हो सकता है। जिस तरह से दुनियाभर में हृदय रोगों के कारण मृत्युदर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, ऐसे में सभी लोगों को इससे बचाव के उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए। पानी पीते रहना इसका सबसे आसान उपाय हो सकता है। 

पानी पीते रहने के अनेकों लाभ शोधकर्ताओं ने बताया कि पानी पीते रहना शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ हृदय को रक्त को कुशलतापूर्वक पंप करने में मदद करने, रक्त वाहिकाओं के कार्य को आसान बनाने और संपूर्ण शारीरिक व्यवस्था को ठीक रखने में मदद कर सकता है। रोजाना कम से कम 3-4 लीटर की मात्रा में पानी पीना जरूर सुनिश्चित करें। यह सबसे आसान और सेहत के लिए अत्यंत लाभप्रद उपाय हो सकता है

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