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उत्तर प्रदेश में अस्पताल में प्रसव व जांच कराने में बढ़ी महिलाओं की दिलचस्पी

प्रदेश में संस्थागत प्रसव का ग्राफ 83.4 पहुंचा, 62.5 फीसदी महिलाएं करा रही प्रसव पूर्व जांच

लखनऊ। 1 अक्टूबर यूपी में गर्भवती महिलाएं सेहत को लेकर पहले से अधिक सजग हुई हैं। घर के मुकाबले अस्पतालों में प्रसव कराना अधिक मुफीद समझ रही हैं। वहीं प्रसवपूर्व जांच कराने में भी दिलचस्पी बढ़ी है। प्रदेश में करीब 55 लाख प्रसव होते हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को तमाम तरह की जांच करानी होती हैं। यह जांचें पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी से संबंधित होती हैं। डॉक्टर की सलाह पर ये जांचें सरकारी अस्पतालों में मुफ्त हो रही हैं। डॉक्टर की सलाह के बावजूद महिलाएं जांच कराने में रूचि नहीं दिखाती थीं। बीते कुछ वर्षों में गर्भावस्था के दौरान महिलाएं जांच करा रही हैं।

सुरक्षित प्रसव के लिए करा रही जांचें

वर्ष 2015-16 में गर्भावस्था की पहली तिमाही में प्रसव पूर्व 45.9 फीसदी महिलाएं जांच कराती थीं। जो वर्ष 2019-21 के बीच बढ़कर 62.5 प्रतिशत पहुंच गया है। भारत में यह आंकड़ा करीब 70 फीसदी है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को दो टीके भी लगाए जाते हैं। इस संख्या में भी सुधार देखने को मिला है।

अस्पतालों में बढ़ा प्रसव का ग्राफ

मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए अस्पतालों में प्रसव कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की भर्ती से लेकर इलाज तक मुफ्त है। भोजन भी मुहैया कराया जाता है। जागरुकता बढ़ने से संस्थागत प्रसव का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2015-16 में 67.8 फीसदी था। जो वर्ष 2019-21 के बीच बढ़कर 83.4 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

जच्चा बच्चा को घर भी पहुंचाया रहे

गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल पहुंचाने के लिए 102 एम्बुलेंस सेवा का संचालन हो रहा है। एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह से मुफ्त है। यही नहीं प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल से घर भी पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के लिए 102 सेवा की 2270 एम्बुलेंस का संचालन हो रहा है।

वर्जन सरकारी अस्पतालों में संसाधन व सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के लिए तमाम तरह की योजनाओं का संचालन हो रहा है। पहली बार मां बनने वाली माताओं को तीन किस्तों में 5000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। यह रकम मातृ वंदना योजना के तहत प्रदान की जा रही है। जननी सुरक्षा योजना का लाभ शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को मिल रहा है। मुफ्त गुणवत्तापूर्ण दवाएं, जांच आदि की सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं। अस्पतालों में डिलवरी कराएं। ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री

 

रिपोर्ट- आमिर हुसैन रिजवी, एपेक्स न्यूज इंडिया, लखनऊ

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