मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर “ऑपरेशन टाइगर” की चर्चा तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि उद्धव गुट इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। इस बीच सूत्रों के हवाले से एक और बड़ा दावा सामने आया है कि कुछ दिनों पहले उद्धव ठाकरे गुट के तीन से चार विधायकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उद्धव गुट के 14-16 विधायक शिंदे के संपर्क मेंः सूत्र
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के तीन से चार विधायकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और 12 से 14 विधायक उनके साथ है और एक बड़ा गुट शिंदे के साथ आना चाहता है ये बात की हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दो दिन पहले भी महाविकास आघाड़ी की विधायकों की बैठक भी आयोजित हुई थी। बैठक में गठबंधन के कुल 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही मौजूद रहे। बैठक के बाद महाविकास आघाड़ी की ओर से सफाई दी गई कि कई विधायक निजी काम और पहले से तय कार्यक्रमों के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
शिंदे कैंप का दावा- कुछ विधायक आ सकते हैं साथ
इस घटनाक्रम के बीच “ऑपरेशन टाइगर” की चर्चा फिर तेज हो गई है। हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद अब अगले चरण में विधायकों के टूटने के दावे किए जा रहे हैं। शिंदे गुट का दावा है कि उद्धव ठाकरे गुट के 20 विधायकों में से 14 से 16 विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि एकनाथ शिंदे और उनके नेताओं का कहना है कि वे किसी विधायक को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि विधायक स्वयं उनके संपर्क में हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में कुछ विधायक उनके साथ आ सकते हैं।
संजय राउत ने कही ये बात
वहीं इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि उनके सभी विधायक उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं और जो विधायक बैठक में नहीं पहुंचे, वे निजी कारणों से अनुपस्थित थे। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि आगे चलकर शिंदे गुट यह भी दावा करेगा कि वह देवेंद्र फडणवीस अमित शाह को भी तोड़ रहे है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन टाइगर” का सबसे बड़ा खतरा देवेंद्र फडणवीस के लिए है और उन्हें ही सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

