दिल्ली सरकार ने प्रदूषण-मुक्त सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 200 नई इलेक्ट्रिक बसें जनता की सेवा में समर्पित की हैं। ईस्ट विनोद नगर डिपो से 200 नई ईवी बसों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली की सेवा में समर्पित किया गया। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारी सरकार मिशन मोड में दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह ईवी में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य कर रही है। दिल्ली में ईवी बसों की संख्या 4500 से अधिक हो चुकी है और 2026 के अंत तक इसे 7000 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।”
इसके साथ ही दिल्ली–रोहतक के बीच नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत की गई है। वहीं, मदनपुर खादर में नए बस टर्मिनल का लोकार्पण तथा डीटीसी ईस्ट विनोद नगर डिपो में नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी डॉ पंकज कुमार सिंह जी सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
दिल्ली में ईवी खरीदने पर भारी छूट दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारी सरकार नई ईवी पॉलिसी के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आकर्षक सब्सिडी देकर स्वच्छ परिवहन के लिए जनता को प्रोत्साहित कर रही है।” दिल्ली में पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप कर नई ईवी खरीदने पर भारी छूट मिल रही है। यहां किसी भी ईवी को रजिस्ट्रेशन चार्ज नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बाइक और कार की बैटरी के आधार पर भारी छूट देने का प्लान है। दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपनी ईवी पॉलिसी का ड्रॉफ्ट शेयर किया है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों का सबसे अहम योगदान दिल्ली के प्रदूषण में सबसे अहम योगदान वाहनों का है। खासकर शाम के समय कई इलाकों में भारी ट्रैफिक हो जाता है। इस दौरान गाड़ियां बेहद धीमी गति से चलती हैं, लेकिन ड्राइवर वाहन को चालू रखते हैं। इस वजह से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण होता है। इससे निपटने के लिए सरकार दिल्ली की सड़कों को भी बेहतर कर रही है, ताकि जाम कम से कम लगे और प्रदूषण न हो। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण नहीं करते हैं।

