बरेली हवाई अड्डे से दिल्ली, जेवर और नवी मुंबई की उड़ानों का किराया रक्षाबंधन के बाद तेजी से नीचे आया है। हवाई अड्डा प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, 14 से 21 सितंबर के बीच बरेली-जेवर और बरेली-दिल्ली रूट के किराये में छह हजार रुपये तक, जबकि बरेली-नवी मुंबई रूट के किराये में सात हजार रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इसी अवधि में बरेली-बंगलूरू रूट के किराये में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया।
यात्रियों की संख्या घटने से आई किराये में नरमी
हवाई अड्डा प्रशासन के मुताबिक, दो सप्ताह पहले बरेली हवाई अड्डे पर रोजाना औसतन 420-425 यात्रियों का आवागमन हो रहा था, जो अब घटकर 340-350 प्रतिदिन रह गया है। यात्रियों की संख्या में आई इस कमी को ही किराये में गिरावट की मुख्य वजह बताया जा रहा है। हवाई अड्डा निदेशक अवधेश अग्रवाल के अनुसार, टिकटों की मांग घटने के कारण ही किराये में यह नरमी आई है। एयरलाइन प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि सितंबर-अक्तूबर के महीनों में आमतौर पर यात्रा कम होती है, जिसका असर किरायों पर पड़ता है।
रक्षाबंधन पर पहुंचा था किराया चरम पर
रक्षाबंधन के आसपास बरेली-दिल्ली और बरेली-नोएडा रूट पर हवाई किराया बढ़कर 13 हजार रुपये तक जा पहुंचा था। नवी मुंबई रूट का किराया भी उसी दौरान काफी ऊंचा रहा, वहीं बरेली-बंगलूरू रूट पर किराये में करीब छह हजार रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। त्योहारी सीजन में घर आने-जाने वालों की भीड़ के चलते किरायों में यह उछाल आम तौर पर देखा जाता है।
अभी क्या हैं किराये
मौजूदा समय में बरेली-दिल्ली और बरेली-नोएडा रूट का किराया घटकर 3,500 से 4,800 रुपये के बीच आ गया है। बरेली-नवी मुंबई रूट पर सीधी उड़ान का किराया 6,700 से 7,000 रुपये के बीच है, जबकि कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए यात्रियों को करीब 9,400 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
बरेली-बंगलूरू रूट पर किराये में कमी तो आई है, लेकिन मांग अब भी बनी हुई है। 14 से 17 सितंबर के बीच इस रूट पर नॉन-स्टॉप फ्लाइट का किराया 13,321 रुपये और कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 15,321 रुपये दर्ज किया गया है। उड़ान के समय की बात करें तो बरेली-मुंबई रूट पर नॉन-स्टॉप फ्लाइट में 2:15 घंटे और कनेक्टिंग फ्लाइट में 7:20 घंटे लगते हैं, जबकि बरेली-बंगलूरू रूट पर यह समय क्रमश: 2:50 घंटे और 5:25 घंटे है।
यात्रियों के लिए क्या मायने
किराये में आई इस गिरावट से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो त्योहारी सीजन के बाद गैर-जरूरी यात्रा टालकर सामान्य दिनों में सफर करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी दशहरा-दीपावली सीजन में मांग बढ़ने के साथ किरायों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा सकती है, ऐसे में जो यात्री सस्ते किराये का लाभ उठाना चाहते हैं उनके लिए फिलहाल का समय अनुकूल माना जा रहा है।

