सिर्फ वजन और दौड़ नहीं! घर पर इन 5 टेस्ट से जानें आपकी बॉडी कितनी मजबूत और लचीली है

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आपका शरीर कितना फिट है? ताकत, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी जांचने के लिए घर पर करें ये आसान टेस्ट

फिटनेस का मतलब केवल फ्लैट टमी, ज्यादा वजन उठाने या तेज दौड़ने की क्षमता नहीं है। शरीर की ताकत, बैलेंस, मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी भी अच्छी सेहत और फिटनेस का अहम हिस्सा हैं। कई बार रोजमर्रा के काम आसानी से करने के बावजूद हमें यह पता नहीं होता कि हमारा शरीर वास्तव में कितना मजबूत और लचीला है।

फिटनेस कोच वान्या मूव्स ने 8 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कुछ आसान फिटनेस टेस्ट शेयर किए हैं। इनकी मदद से आप घर पर ही अपनी बॉडी की मोबिलिटी, बैलेंस, ग्रिप स्ट्रेंथ और फ्लेक्सिबिलिटी का एक सामान्य अंदाजा लगा सकते हैं। अगर आप इन मूवमेंट्स को आसानी से कर लेते हैं, तो यह अच्छी शारीरिक क्षमता का संकेत हो सकता है।

हालांकि, इन टेस्ट को अपनी फिटनेस का अंतिम प्रमाण नहीं मानना चाहिए। इन्हें करते समय अपनी क्षमता के अनुसार ही प्रयास करें।

1. डीप स्क्वाट होल्ड से जांचें लोअर बॉडी मोबिलिटी

डीप स्क्वाट होल्ड शरीर के निचले हिस्से की मोबिलिटी और स्थिरता को जांचने में मदद कर सकता है। इसके लिए पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर दूरी पर रखें और एड़ियों को जमीन पर टिकाए रखते हुए डीप स्क्वाट पोजीशन में जाएं।

कोशिश करें कि बिना किसी सहारे के करीब 60 सेकंड तक इसी स्थिति में बने रहें। अगर आपकी एड़ियां जमीन से ऊपर उठ जाती हैं या आपको सहारे की जरूरत पड़ती है, तो यह टखनों, घुटनों और कूल्हों की मोबिलिटी या लोअर बॉडी स्ट्रेंथ पर ध्यान देने का संकेत हो सकता है।

2. डेड हैंग से चेक करें ग्रिप स्ट्रेंथ

दूसरा टेस्ट डेड हैंग है, जो मुख्य रूप से ग्रिप स्ट्रेंथ और शरीर के ऊपरी हिस्से की सहनशक्ति का अंदाजा देता है।

इसके लिए किसी मजबूत और सुरक्षित बार को दोनों हाथों से पकड़ें और अपने शरीर को लटकने दें। लक्ष्य करीब 30 सेकंड तक लटके रहने का है। अगर आप 30 सेकंड तक ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो मौजूदा समय आपकी शुरुआती क्षमता मानी जा सकती है।

इस टेस्ट के लिए मजबूत ग्रिप के साथ कंधों पर अच्छा नियंत्रण जरूरी है। अगर आप पहली बार इसे कर रहे हैं, तो बार की मजबूती और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

3. फ्लोर गेट-अप से जांचें फंक्शनल फिटनेस

फ्लोर गेट-अप टेस्ट यह देखने का एक तरीका हो सकता है कि आपका शरीर जमीन से उठने जैसे सामान्य मूवमेंट को कितनी आसानी से कर पाता है।

जमीन पर बैठने या लेटने की स्थिति से उठने की कोशिश करें और बिना हाथ, घुटने या किसी अन्य सहारे के खड़े हो जाएं। अगर आपको उठने के लिए हाथ या घुटनों का सहारा लेना पड़ता है, तो वही आपकी वर्तमान शुरुआती क्षमता है।

यह एक फंक्शनल मूवमेंट है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ जमीन से आसानी से उठ पाना रोजमर्रा की स्वतंत्रता और शारीरिक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

4. फॉरवर्ड फोल्ड से जांचें शरीर का लचीलापन

फॉरवर्ड फोल्ड टेस्ट शरीर के पिछले हिस्से, खासकर हैमस्ट्रिंग और कूल्हों की फ्लेक्सिबिलिटी का सामान्य अंदाजा लगाने में मदद कर सकता है।

सीधे खड़े होकर पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर रखें और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। अगर आप अपने हाथों से जमीन तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो यह हैमस्ट्रिंग में जकड़न या कूल्हों की कम मोबिलिटी का संकेत हो सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति की प्राकृतिक लचक अलग होती है, इसलिए इस टेस्ट के परिणाम की तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से नहीं करनी चाहिए।

5. सिंगल लेग बैलेंस से जांचें संतुलन

सिंगल लेग बैलेंस टेस्ट आपके शरीर के संतुलन और स्थिरता का अंदाजा लगाने में मदद कर सकता है। एक पैर पर खड़े होकर संतुलन बनाने की कोशिश करें। चुनौती बढ़ाने के लिए आंखें बंद की जा सकती हैं और करीब 30 सेकंड तक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा सकता है।

अगर आप बार-बार लड़खड़ाते हैं या संतुलन बनाए रखने में परेशानी होती है, तो यह आपके बैलेंस और टखने की स्थिरता पर काम करने की जरूरत का संकेत हो सकता है।

आंखें बंद करके यह टेस्ट करते समय आसपास कोई मजबूत सहारा जरूर रखें, ताकि गिरने का जोखिम कम रहे।

इन टेस्ट से मिले संकेतों को कैसे समझें?

इन आसान टेस्ट से आपको अपनी मोबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी, बैलेंस और स्ट्रेंथ का एक सामान्य अंदाजा मिल सकता है। लेकिन किसी टेस्ट को पूरा न कर पाना जरूरी नहीं कि आपकी फिटनेस खराब है। उम्र, चोट, ट्रेनिंग का अनुभव और शरीर की बनावट जैसे कई कारक आपके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

अगर किसी मूवमेंट के दौरान दर्द, चक्कर या असामान्य परेशानी महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए फिटनेस टेस्ट और सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी नए फिटनेस प्रोग्राम या एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले, खासकर अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या या पुरानी चोट है, तो डॉक्टर या योग्य फिटनेस विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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