मुरादाबाद: शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए करीब 655 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही 33.72 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अभी वाहनों के लिए शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन बारिश ने इसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भटावली से गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के बीच करीब दो किलोमीटर के हिस्से में सड़क एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर धंस गई है।
सबसे चिंताजनक स्थिति रामगंगा नदी पर बने पुल के पास देखने को मिली, जहां सड़क का हिस्सा काफी नीचे बैठ गया है। कुछ जगहों पर सड़क के जोड़ के पास दरारें भी दिखाई दे रही हैं।
655 करोड़ की परियोजना, 85 फीसदी काम पूरा होने का दावा
शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करने के लिए दिल्ली रोड से शुरू होकर भटावली होते हुए दलपतपुर तक रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 33.72 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 655 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसका निर्माण सितंबर 2023 में शुरू हुआ था और करीब तीन साल से काम चल रहा है। एनएचएआई का दावा है कि परियोजना का लगभग 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। योजना के मुताबिक रिंग रोड शुरू होने के बाद बाहर से आने वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही आगे निकल सकेंगे।
लेकिन यातायात शुरू होने से पहले ही सड़क के कई हिस्सों के धंसने से इसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।
दो किलोमीटर में 12 से ज्यादा जगह सड़क धंसी
भटावली से गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय तक करीब दो किलोमीटर के हिस्से में 12 स्थानों पर छोटे-बड़े गड्ढे मिले हैं। इनमें रामगंगा नदी पर बने पुल के पास सड़क सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है।
कुछ स्थानों पर सड़क के जोड़ के आसपास ही दरारें पड़ गई हैं। वहीं सलेमपुर बंगर और कैलसा बाईपास के बीच बने पुल पर भी सड़क के धंसने की बात सामने आई है।
कई गड्ढों में सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर डाल दी गई है, जबकि कुछ जगह गड्ढे अभी भी खुले हुए हैं।
बारिश को बताया जा रहा है एक कारण
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक रिंग रोड अभी निर्माणाधीन है और यहां जल निकासी की व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़क प्रभावित हुई है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार के अनुसार, यातायात शुरू होने से पहले सभी कमियों को दुरुस्त कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान कई अड़चनें भी आईं। कांवड़ यात्रा के चलते काम प्रभावित हुआ और इससे पहले डीजल व कोलतार की उपलब्धता भी समस्या बनी थी।
फिलहाल दिसंबर तक रिंग रोड को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
राहगीरों और किसानों ने उठाए सवाल
सड़क के धंसने को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। राहगीरों का कहना है कि जब सड़क अभी शुरू भी नहीं हुई और बारिश के दौरान कई जगह बैठ गई, तो भविष्य में भारी और लोडेड वाहनों का दबाव पड़ने पर इसकी स्थिति क्या होगी।
स्थानीय किसानों ने सड़क निर्माण में मजबूती को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर जोड़ के ऊपर सिर्फ कोलतार डालने और पर्याप्त मजबूती नहीं होने की वजह से सड़क बारिश के पानी के बाद टूटकर धंस गई।
शुरू होने से पहले ही गुणवत्ता पर सवाल
रिंग रोड का उद्देश्य मुरादाबाद शहर को जाम और भारी वाहनों के दबाव से राहत देना है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली रोड, भटावली और दलपतपुर की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत कम हो जाएगी।
लेकिन उद्घाटन से पहले ही सड़क के धंसने की तस्वीरें और स्थानीय लोगों की शिकायतें अब निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। एनएचएआई का कहना है कि सड़क अभी निर्माणाधीन है और यातायात शुरू होने से पहले प्रभावित हिस्सों को पूरी तरह ठीक किया जाएगा।
