मुजफ्फरपुर AK-47 केस में NIA का बड़ा एक्शन, फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी गिरफ्तार; हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े तार

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मुजफ्फरपुर AK-47 केस में NIA ने आरोपी भैरव त्रिपाठी को दबोचा, मामले में 6 गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में AK-47 और जिंदा कारतूस बरामदगी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने स्थानीय पुलिस की मदद से फरार चल रहे आरोपी भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर उर्फ गुरु को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की तलाश पिछले कई दिनों से की जा रही थी और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।

भैरव की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। NIA अब आरोपी से हथियारों की तस्करी और उसके आपराधिक नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।

चार दिन से मुजफ्फरपुर में डेरा डाले थी NIA

जानकारी के मुताबिक, NIA की टीम पिछले करीब चार दिनों से मुजफ्फरपुर में आरोपी की तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के संजय सिनेमा रोड इलाके में कार्रवाई की गई, जहां से भैरव त्रिपाठी को दबोच लिया गया।

NIA की सूचना पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जिला पुलिस अधिकारियों से जानकारी साझा की थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया गया।

भैरव मूल रूप से साहेबगंज के अहियापुर का रहने वाला बताया गया है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत आठ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

नागालैंड से बिहार तक हथियार पहुंचाने की साजिश

यह मामला NIA केस RC-11/2024/NIA/DLI से जुड़ा है। NIA की जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क में नागालैंड के दीमापुर से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की साजिश रची गई थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि भैरव त्रिपाठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियारों की सप्लाई के इस नेटवर्क में भूमिका निभाई। मामले के तार कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क से भी जुड़े हैं।

NIA का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए हथियारों की तस्करी कर सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश की जा रही थी।

कैसे सामने आया था AK-47 का मामला?

मामला मूल रूप से फकुली थाना कांड संख्या 19/2024 से जुड़ा है। 7 मई 2024 को फकुली थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर के मुर्गटिया पुल के पास एक AK-47 राइफल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए थे।

जांच में सामने आया कि हथियारों की खेप दीमापुर से बिहार लाई जा रही थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई से जुड़े कुछ लोगों के नाम बताए थे।

इसके बाद पुलिस ने एक अन्य आरोपी देवमणि कुमार को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर भी AK-47, मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए थे।

NIA ने अब तक दाखिल कीं तीन चार्जशीट

NIA ने जांच के दौरान इस मामले में अलग-अलग चरणों में चार्जशीट दाखिल की है। पहली चार्जशीट 8 मई 2025 को विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दाखिल की गई थी।

इसके बाद 20 फरवरी 2026 को मंजूर खान के खिलाफ दूसरी चार्जशीट और 15 अप्रैल 2026 को कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ तीसरी चार्जशीट दाखिल की गई।

इन आरोपियों पर आपराधिक साजिश, आर्म्स एक्ट और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार बदल रहा था ठिकाना

NIA के मुताबिक, भैरव त्रिपाठी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अब जांच एजेंसी उसके हथियार सप्लाई नेटवर्क, अन्य आरोपियों से संबंध और मामले में उसकी वास्तविक भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। भैरव से मिली जानकारी के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

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