आगरा के कुबेरपुर स्थित आगरा नगर निगम के स्लॉटर हाउस में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को जांच के आदेश दिए हैं। अजाद कुरैशी नाम के शिकायतकर्ता की याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्लॉटर हाउस 12 मई 2025 को जारी कंसेंट टू ऑपरेट की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
सुनवाई के दौरान आवेदक ने सीटीओ की कुछ शर्तों के उल्लंघन का हवाला दिया, लेकिन अधिकरण ने पाया कि इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया है। आवेदक के वकील ने यह भी कहा कि उन्हें साक्ष्य एकत्र करने की अनुमति नहीं दी गई। इसी के बाद एनजीटी ने आवेदन का निस्तारण करते हुए यूपीपीसीबी को शर्तों के अनुपालन की जांच कर उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्रवाई से अवगत कराने के लिए छह हफ्ते का समय दिया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि अभी तक उनके पास आदेश की प्रति नहीं पहुंची है। अधिकरण के जो निर्देश होंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बता दें, निगम के स्लॉटर हाउस को टेंडर कर आवंटित किया गया लेकिन बिजली विभाग ने पिछले साल 17 अगस्त को बिना किसी पूर्व सूचना के कनेक्शन काट दिया। करीब छह महीने तक स्लॉटर हाउस संचालन का ठेका लेने वाली फर्म के मालिकों ने इसे खुलवाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर के अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन कनेक्शन नहीं जुड़ा। नगर निगम ने भी हर महीने हो रहे करीब 49 लाख रुपये के नुकसान के बावजूद चुप्पी साधे रखी। जब संचालक ने एनजीटी का दरवाजा खटखटाया तो अफसरों की नींद टूटी। उसी के बाद पिछले महीने कनेक्शन जोड़ा गया। फिलहाल ईरान युद्ध के चलते स्लॉटर हाउस एक चौथाई क्षमता से ही चल रहा है।

