बच्चों में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए सरकार स्कूल चलो अभियान चला रही है, लेकिन शिक्षक ही स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। न समय पर स्कूल खुल रहे हैं। यह हकीकत मंगलवार को 27 स्कूलों के औचक निरीक्षण में सामने आई। पांच स्कूल में ताले बंद मिले और 40 शिक्षक गैरहाजिर थे। ऐसे में पांच प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए डीएम मनीष बंसल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) जितेंद्र गोंड से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने सुबह 8 बजे विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) से स्कूलों का औचक निरीक्षण कराया, तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। पांच स्कूलों के गेट पर ताले लटके हुए थे। 40 शिक्षक अनुपस्थित मिले। जिनका वेतन काटने के निर्देश डीएम ने दिए हैं।
निरीक्षण में खुली पोल
कुल 27 स्कूलों की जांच में 83 शिक्षकों में से सिर्फ 43 ही उपस्थित मिले। यानी करीब 50 फीसदी स्टाफ नदारद था। एत्मादपुर और बाह ब्लॉक के स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं मिला। फतेहाबाद, बिचपुरी और शमसाबाद में भी हाजिरी बेहद कम रही। अकोला, जगनेर, जैतपुर कलां और फतेहाबाद ब्लॉक के पांच स्कूलों में ताले बंद मिले। इसे घोर लापरवाही मानते हुए यहां के प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बीएसए और बीईओ सबसे ज्यादा लापरवाह
निरीक्षण में केवल उपस्थिति ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक स्तर भी बदहाल मिला। कई स्कूलों में अब तक किताबें नहीं बंटी थीं और शिक्षण सामग्री धूल फांक रही थी। डीएम ने निरीक्षण के दौरान बिना अनुमति गायब मिले सभी शिक्षकों का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। स्कूलों की खराब निगरानी और लापरवाही पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया है। सीडीओ प्रतिभा सिंह का कहना है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। यह निरीक्षण अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

