पोइया घाट स्थित पांटून पुल राहत की जगह आफत बन रहा है। रात में वाहनों की आवाजाही पर रोक 24 घंटे में बेअसर हो गई। मंगलवार रात को जान हथेली पर लेकर दो व चार पहिया वाहन अंधेरे में दौड़ते रहे। जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पुल से गिरकर वाहन नदी में समा सकते हैं।
लोक निर्माण विभाग ने दयालबाग स्थित पोइया घाट पर करीब 75 लाख रुपये से पांटून पुल का निर्माण करवाया था। वाहनों के अत्यधिक दबाव से 15 दिन में पुल पर भीषण जाम की समस्या पैदा हो गई। एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने सोमवार को पुल पर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने पोइया घाट पर बोर्ड लगाए। सूर्योदय से सूर्यास्त तक हल्के वाहनों के आवागमन की अनुमति दी गई। सूर्यास्त के बाद वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया गया। यातायात पुलिस की भी तैनाती की गई।
मंगलवार रात 8 बजे यहां कार, दोपहिया वाहन पुल पर दौड़ते नजर आए। यातायात पुलिस कर्मी भी गायब मिले। ये हाल तब था जब मंगलवार सुबह पोइया में एक कार दुर्घटना का शिकार हो गई। अनियंत्रित होकर कार फार्म हाउस में दीवार तोड़कर घुस गई। मनोहरपुर के एक ग्रामीण ने यातायात पुलिस पर वसूली के आरोप लगाए हैं।

