बदायूं में पचास हजार के इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू को मुठभेड़ में मार गिराने के संबंध में पुलिस की आठ पेज की कहानी में कई झोल नजर आ रहे हैं। सिविल लाइन थाने के इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में कहा गया है कि आत्मरक्षार्थ पुलिस पार्टी की ओर से पिस्टल फायर के नाइन एमएम के तीन खोखे मिल गए थे, काफी तलाशने पर एक खोखा नहीं मिला। इसे तलाश किया जाएगा।
कहानी से सवाल उठ रहा है कि पुलिस की ओर से तीन नहीं, चार गोलियां बदमाश ढालू पर चलाई गई थीं। चौथी गोली किसकी पिस्टल से चली, जिसका कोई जिक्र नहीं है, जबकि रिपोर्ट में कहा गया है कि एक गोली एसपी सिटी, दूसरी सिविल लाइन इंस्पेक्टर तो तीसरी इंस्पेक्टर सहसवान की पिस्टल से चली थी।
रिपोर्ट में लिखी पुलिस की स्क्रिप्ट में एक खोखा नहीं मिलने के अलावा कई अन्य झोल भी नजर आ रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जुलाई की रात एआरटीओ चौराहे से आगे बिल्सी रोड पर नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि के सामने पहुंचे थे। 9:23 बजे के करीब गाड़ियों की हेडलाइट में सामने बिल्सी रोड की तरफ से मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति बहुत तेजी से आता हुआ दिखाई दिया।
दावा: बदमाश ने सामने से किया पुलिस पर फायर
इसके पीछे कुछ दूरी पर पुलिस की गाड़ी भी आती दिखाई पड़ी। यह देख पुलिसकर्मी समझ गए कि यही बाइक सवार व्यक्ति पुलिस पर फायर करके भाग रहा है। बदमाश होने का यकीन होने पर उसे रोकने के लिए सामने अपने वाहन लगाकर घेराबंदी की तो नजदीक आकर बदमाश ने बाइक धीमी कर सामने से पुलिस पर फायर कर दिया। यह फायर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की गाड़ी के सामने वाले बंफर में लगा, जिससे पुलिस वाले बाल-बाल बच गए।
बदमाश ने अपनी बाइक नई जेल के लिए प्रस्तावित भूमि की तरफ मोड़ दी। पक्की सड़क से उत्तर दिशा में करीब 250 मीटर अंदर जाकर बाइक ऊबड़-खाबड़ भूमि पर अनियंत्रित होकर गिर गई। बाइक छोड़कर बदमाश फायर करते हुए जंगल की तरफ भाग गया था। रिपोर्ट के अनुसार, दरोगा नीरज, सिपाही को गोली लगने के साथ इंस्पेक्टर और एसपी सिटी की बुलट प्रूफ जैकेट में सीने की तरफ गोली लगी। इसके बाद बदमाश के पैर और सीने में गोली लगी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रात 9:35 बजे बदमाश ने चिल्लाते हुए गोली लगने की बात कही थी, लेकिन पुलिस टीम ढालू को जिला अस्पताल लेकर 9:55 बजे ही पहुंच गई थी। महज बीस मिनट में पुलिस टीम ने बदमाश से घटनास्थल पर पूछताछ कर ली और उसे अस्पताल भी ले गए। वहीं, रिपोर्ट में घटनास्थल पर ही आठ पेज की फर्द टार्च की रोशनी में तैयार करने का दावा किया गया है।

