डॉ. सौरभ बाजपेई के आत्महत्या प्रकरण में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। तिलकनगर में संचालित रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल सहित दो अलग-अलग बिल्डिंगों में चल रहे अस्पतालों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश सिंह के नेतृत्व में की गई। रामऔतार मेमोरियल हास्पिटल में ही डॉ. सौरभ सेवाएं दे रहे थे।
शनिवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ तिलक नगर पहुंची। डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश सिंह ने टीम के साथ दोनों बिल्डिंगों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पतालों में मानकों की अनदेखी पाई गई। अस्पतालों के पास न तो पर्याप्त फायर सेफ्टी के इंतजाम थे और न ही रजिस्ट्रेशन व संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज मिले।
इसके बाद टीम ने दोनों अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की। कोतवाल राजकुमार सिंह और फायर ब्रिगेड के अधिकारी भी जांच में शामिल हुए। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी निवासी डॉ. सौरभ बाजपेई के आत्महत्या मामले में रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रबंधन पर आरोप लगे थे। डॉक्टर के आत्महत्या के मामले में अस्पताल संचालक एसपी सिंह व कर्मचारी मोहन को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
डॉ. सौरभ बाजपेई प्रकरण से जुड़े रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल सहित तिलक नगर की दो बिल्डिंगों में चल रहे अस्पतालों की जांच की गई। निरीक्षण में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी अधूरे पाए गए। नियमों की अनदेखी पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया है। – डॉ. राकेश सिंह, डिप्टी सीएमओ

