कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में शनिवार शाम जहरीले कीड़े के काटने से 58 वर्षीय शर्मन अचेत हो गए। गांव तक पक्की सड़क न होने और बारिश के कारण कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील होने से परिजनों को उन्हें चारपाई पर उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब साढ़े तीन बजे शर्मन अपने घर के छप्पर की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान उनके हाथ में जहरीले कीड़े ने काट लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाने निकले, लेकिन गांव से बाहर कच्चे रास्ते में कीचड़ और टूटी पुलिया के कारण ट्रैक्टर आगे नहीं बढ़ सका।
इसके बाद ग्रामीणों ने शर्मन को चारपाई पर लिटाकर पैदल मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। रास्ते में परासन स्थित 65 मेगावाट बुंदेलखंड प्लांट पहुंचकर प्रबंधन से मदद मांगी गई। प्लांट प्रबंधन ने तत्काल गेट खुलवाकर चारपहिया वाहन की व्यवस्था कराई, जिससे बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों ने बताया कि उपचार के बाद शर्मन को होश आ गया और उनकी हालत में सुधार है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि कुइयाझोर गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में कच्चा रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल जाता है और एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती।

