झारखंड के बोकारो थर्मल पावर प्लांट में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहां एक तेज रफ्तार मालगाड़ी पहले स्कॉर्पियो को चपेट में लेते हुए प्लांट के बंद गेट को तोड़ते हुए सीधे अंदर जा घुसी। मालगाड़ी ने स्कॉर्पियो को चपेट में लिया और कुछ दूर घसीटते हुए ले गई, उसी समय ड्राइवर ने किसी तरह से कूदकर अपनी जान बचाई। इसमें कोई जान माल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन रेलवे गेट पार कर रही स्कॉर्पियो को भारी नुकसान हुआ।
कैसे हुई घटना
पूरी घटना तब हुई जब कोयला खाली कर एक मालगाड़ी अचानक बेकाबू होकर बोकारो थर्मल पावर प्लांट के गेट को तोड़ते हुए प्लांट से बाहर निकल गई। जिससे तत्काल वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब मालगाड़ी अनलोड कर प्लांट के अंदर से निकल रही थी तो प्लांट का गेट बंद था। इसी दौरान स्कॉर्पियो कार ट्रैक पार कर रही थी, जहां मालगाड़ी ने ट्रैक के पास खड़ी स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मारते हुए उसे करीब 400 से 500 मीटर तक घसीटते हुए दूर लेते चली गई। कथारा निवासी स्कॉर्पियो के मालिक जो खुद स्कॉर्पियो चला रहे थे, उन्होंने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। घटना में स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।
रिवर्स में बाहर आ रही थी गाड़ी
घटना में रेलवे और रैक प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। सुबह करीब 4 बजे कोयला लदा रैक प्लांट में दाखिल हुआ था और 7 बजे तक खाली कर लिया गया था। नियमतः रैक को इंजन आगे की तरफ रखकर बाहर निकाला जाता है, लेकिन इसे रिवर्स में बाहर लाया जा रहा था, जिससे यह घटना घटी। जबकि पीछे गार्ड की बोगी रहती है, वह भी नहीं था और न कोई सिग्नल जिसके कारण यह हादसा हुआ है। रफ्तार अधिक होने के कारण गेट तोड़ते हुए करीब 500 मीटर दूर जाकर रैक का पिछला हिस्सा बेपटरी हो जाने के कारण गाड़ी रुकी।
बड़ा हादसा टला
मामला अधिक भयावह तब हो जाता है, जब मेन लाइन का गेट खुला होता क्योंकि गोमो-चोपन पैसेंजर के आने का समय था। इस कारण मेन लाइन का गेट बंद था, नहीं तो बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी होते ही स्थानीय थाना पुलिस और रेलवे के अधिकारी, सीआईएसएफ मौके पर पहुंचे। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव और स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार, सीआईएसएफ निरीक्षक प्रशांत कुमार प्रसून ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
स्टेशन मैनेजर ने शुरू की जांच
रैक चालक अरुण कुमार पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार ने कहा की मामले में प्लांट के अधिकारियों ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी और इससे संबंधित जो भी लोग उन पर कार्रवाई के लिए आगे भेज दिया जाएगा तत्काल रेलवे लाइन प्रभावित नहीं है। अगर ओवरब्रिज का उद्घाटन समय पर हो गया होता तो आज यह घटना नहीं होता।

