आगरा के थाना एत्मादपुर प्रकरण में महिला दरोगा की भूमिका को संदिग्ध माना गया है। ऑडियो प्रकरण की जांच अपर पुलिस आयुक्त को दी गई है। छेड़छाड़ के केस में पीड़ित महिला के संतुष्ट न होने पर विवेचना क्राइम ब्रांच की उप निरीक्षक को दी गई है।
पुलिस की मीडिया सेल के मुताबिक छेड़छाड़ के केस में एसआई नीतू शर्मा ने साक्ष्यों के आधार पर अनुमोदन लेने के बाद 2 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र लगाया। आरोप पत्र पर दरोगा के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इसके बाद थाना प्रभारी से सहमति ली थी। वायरल आडियो में बिना संज्ञान में लिए आरोप पत्र दाखिल करने की विवेचक का दावा तथ्यात्मक रूप से असत्य है।
विवेचक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। विवेचक व वादिया के वायरल ऑडियो व विवेचक के लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए अपर पुलिस आयुक्त को जांच दी गई है। जांच में विवेचक की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वादिया पूर्व विवेचना से संतुष्ट नहीं थीं। इसलिए क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित करते हुए क्राइम ब्रांच की महिला उपनिरीक्षक को जांच सौंपी गई है। इस संबंध में महिला से पुलिस आयुक्त ने पूर्व में बात की थी। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

