आगरा कॉलेज में प्राचार्य की कुर्सी का विवाद समाप्त नहीं हो रहा है। पूर्व प्राचार्य डॉ.अनुराग शुक्ला की याचिका के आधार पर वर्तमान प्राचार्य की नियुक्ति संबंधी सभी आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होनी है। इसी के साथ कार्यवाहक प्राचार्य के लिए वरिष्ठ शिक्षक दावेदारी में जुट गए हैं।
बिना प्राचार्य के कॉलेज में शैक्षिक गतिविधि प्रभावित हो सकती है। इस समय कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया के साथ नए सत्र की तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में प्राचार्य पद खाली होने से कई मामले अटक सकते हैं। इस स्थिति में कार्यवाहक प्राचार्य की तैनाती की जा सकती है।
कार्यवाहक प्राचार्य पद के लिए गणित विभाग के अध्यक्ष आरके श्रीवास्तव ने कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष व मंडलायुक्त को मांगपत्र सौंपा है। उनका कहना है कि 18 दिसंबर, 2024 को उन्हें प्रबंध समिति ने कार्यवाहक प्राचार्य बनाया था। इस पद पर 21 मार्च, 2025 तक कार्य किया था। उन्होंने कॉलेज में सबसे वरिष्ठ शिक्षक होने का दावा किया है। कॉलेज में पिछले कई साल से प्राचार्य पद को लेकर लड़ाई चल रही है। डॉ. मनोज कुमार रावत का मामला भी कोर्ट में गया था। अब कार्यवाहक प्राचार्य की तैनाती समिति के निर्णय पर निर्भर करेगी।

