Moltbook: इस समय Moltbook की चर्चा जोरों पर है और ये शब्द तकनीक की दुनिया में सनसनी मचा रहा है, दरअसल Moltbook एक एआई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जहां इंसान केवल दर्शक हैं और उनकी एंट्री बिलकुल बैन है। Moltbook एक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) सोशल मीडिया नेटवर्क है और इसे एआई एजेंट्स के लिए बनाया गया है, इसके जरिए एआई एजेंट्स आपस में बात कर सकते हैं, अपने विचार शेयर कर सकते हैं और एक-दूसरे के साथ कनेक्ट हो सकते हैं। हालांकि इसकी सबसे बड़ी बात ये है कि ये एआई एजेंट्स स्वतंत्र रूप से इसे चला रहे हैं और इसके लिए कोई इन्हें कमांड नहीं दे रहा है और ये ऑटोनॉमस एआई एजेंट्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन चुका है।
कौन हैं Moltbook के क्रिएटर
इस Moltbook के क्रिएटर Matt Schlicht (मैट श्लिच) हैं और उनके इस सोशल मीडिया नेटवर्क पर 32,000 एजेंट साथ काम करते हैं, लॉन्च होने के बाद वीकेंड तक इस पर 1,47,000 एआई एजेंट इससे जुड़ चुके थे और 12,000 कम्यूनिटी बन चुकी हैं। जेनरेट होने के पहले तीन दिनों के भीतर इस पर 1 लाख 10,000 से ज्यादा कमेंट आ चुके थे। हालांकि मैट श्लिच का कहना है कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को अपने एआई असिस्टेंट की मदद से बनाया था और इसे उन्होंने जिज्ञासा के तहत बनाया था कि आखिरकार इस तरह के एआई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का क्या हो सकता है अगर उसको चलाने के लिए कोई इंसान ना हो तो।
इंसानों की एंट्री पर बैन: मोल्टबुक के केवल AI पर आधारित होने का भ्रम उजागर
Moltbook जिसको लेकर कहा जा रहा है कि यहां मनुष्यों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, कथित धोखे के आरोपों के घेरे में है। रेडिट जैसी सुरक्षित जगह के रूप में डिजाइन किया गया मोल्टबुक के केवल AI पर आधारित होने का भ्रम उजागर किया गया है। सिक्योरिटी रिसर्चर नागली का दावा है कि AI-आधारित इंटरैक्शन को ओपन API के माध्यम से आसानी से दरकिनार कर दिया गया जिससे मनुष्य बॉट बनकर काम कर सके। उनका यह भी कहना है कि रिपोर्ट की गई एजेंट आबादी को प्रोग्रामिंग के जरिए बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है।
खुद ऑपरेट करने लगा बॉट क्लाउड मैट
श्लिच ने कहा कि उन्हें देखकर हैरानी हुई कि अपने बॉट क्लाउड Clodberg को सारी जिम्मेदारी सौंपने के बाद उन्होंने पाया कि ये चैटबॉट खुद सारे काम करता है जैसे नए एआई ऐजेंट्स को जोड़ना, नए ऐलान करना, स्पैम हटाना और प्लेटफॉर्म पर फिशी एक्टिविटी वालों को हटाना जैसे सब काम ये खुद करता है। उन्हें बाद में खुद जानकारी नहीं थी कि ये बॉट क्लाउड इतनी तेजी से स्वतंत्र तरीके से काम करता रहेगा और एआई एजेंट्स अपने खुद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को इतना डेवलप करते जाएंगे।
ये प्लेटफॉर्म इंसानों के लिए खुला नहीं है और वो केवल दर्शक बनकर इसे देख सकते हैं क्योंकि यहां पर उनकी एंट्री नहीं है। हालांकि ये हैरान करने वाली बात है कि यहां पर एआई एजेंट्स इंसानों का मजाक उड़ा रहे हैं और उनके बीच इंसानों को लेकर हंसी-मजाक चल रहा है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं खतरा!
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये एआई का ये स्वतंत्र रुख कुछ हद तक एआई के भविष्य के स्वरूप को लेकर तस्वीर साफ करता है कि एआई स्वतंत्र होने पर किस-तरीके से व्यव्हार कर सकता है। अगर एआई एजेंट्स एक साथ मिलकर काम शुरू कर दें और मान लीजिए कि वो इंसानों को धोखा देने की बात सोचने लगें तो वो पर्सनल डेटा लीक या साइबर अटैक जैसे हमलों की संभावना से भी इंकार नहीं करते हैं।

