एएमयू और उसके आसपास के इलाके की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जा सकता है। कोल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर की मांग के बाद, अब प्रदेश शासन ने एएमयू के लिए एक अलग थाना स्थापित करने के प्रस्ताव पर जांच और रिपोर्ट तलब की है।
विधायक अनिल पाराशर ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर मांग की थी कि अलीगढ़ जनपद बेहद संवेदनशील श्रेणी में आता है। उनके विधानसभा क्षेत्र में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कारण अक्सर कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहती है। विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि वर्तमान में यह पूरा इलाका सिविल लाइंस थाने के अंतर्गत आता है, जिसका क्षेत्रफल बहुत बड़ा है। कानून-व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए स्थानीय जनता लंबे समय से यहां एक अलग एएमयू थाने की मांग कर रही है। विधायक ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी वार्ता होने का जिक्र किया है, जिसके बाद इस मामले ने रफ्तार पकड़ी।
विधायक की इस चिट्ठी का असर लखनऊ में तुरंत देखने को मिला। गृह (पुलिस) अनुभाग-6 के अनु सचिव आलोक यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय लखनऊ के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को पत्र जारी कर दिया है। इसमें कहा है कि विधायक द्वारा उठाए गए बिंदुओं का मानकों के आधार पर कड़ाई से परीक्षण किया जाए। इस संबंध में एक तथ्यात्मक और औचित्यपूर्ण आख्या जल्द से जल्द शासन को उपलब्ध कराई जाए। अगर मानकों के अनुरूप सब सही रहा, तो जल्द ही अलीगढ़ के नक्शे पर एक नया और विशेष एएमयू थाना देखने को मिल सकता है।
एएमयू के लिए अलग थाना स्थापित किए जाने के संबंध में शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद तथ्यात्मक एवं औचित्यपूर्ण आख्या नियमानुसार शासन को प्रेषित की जाएगी।- किंशुक श्रीवास्तव, एडीएम सिटी

