अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू के 9 नए मरीज मिले, संक्रमितों की संख्या 40 पहुंची; 188 संदिग्धों की जांच

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अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू के 9 नए मरीज मिले, संक्रमितों की संख्या 40 पहुंची; 188 संदिग्धों की जांच

अलीगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू के संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 5 सितंबर को नौ नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, जिसके बाद जिले में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 40 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अगस्त से 5 सितंबर तक स्वाइन फ्लू के 188 संदिग्ध मरीजों की जांच कराई गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के मुताबिक, नए संक्रमित मरीजों की उम्र 5 वर्ष से 62 वर्ष के बीच है। अब तक सामने आए मरीजों में से 17 उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 12 मरीजों का फिलहाल घर पर इलाज चल रहा है।

188 संदिग्ध मरीजों की जांच, 40 रिपोर्ट पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त से 5 सितंबर तक जिले में स्वाइन फ्लू के 188 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कराई गई। इनमें 40 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विभाग संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और मरीजों की पहचान तथा उपचार की व्यवस्था की जा रही है।

अलीगढ़ में इससे पहले भी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 4 सितंबर तक उपलब्ध रिपोर्टों में जिले में 30 संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई थी।

79 फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण

स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज और संक्रमण की रोकथाम में लगे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 79 फ्रंटलाइन वर्कर्स को एच1एन1 वैक्सीन लगाई गई है।

इनमें मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के 55 और पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के 24 फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल हैं।

अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग पहले ही स्वाइन फ्लू की जांच और उपचार को लेकर व्यवस्थाएं मजबूत करने की दिशा में कदम उठा चुका है। अगस्त के अंत में स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच जेएन मेडिकल कॉलेज की बीआरडीएल लैब में कराई जा रही थी। साथ ही दीनदयाल अस्पताल की बीएसएल-2 लैब को भी जांच के लिए सक्रिय करने की तैयारी थी।

सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें

सीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने लोगों से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी 2 सितंबर को इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) और सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की थी। राज्य सरकार के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच नि:शुल्क कराने और अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी व उपचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU व्यवस्था और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाना महत्वपूर्ण है।

स्रोत: अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के हवाले से उपलब्ध जानकारी; उत्तर प्रदेश सरकार की 2 सितंबर 2026 की H1N1 समीक्षा संबंधी सूचना।

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