मध्य प्रदेश की राजगढ़ पुलिस ने 9 साल बालक और 8 बालिका का विवाह संपन्न करने पर माता-पिता सहित टेंट संचालक, घोड़ी संचालक, प्रिंटिंग प्रेस संचालक, हलवाई, एवं पंडित के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब नाबालिक दूल्हे की हल्दी, मेहंदी और बारात की रस्मों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद प्रशासन की टीम हरकत में आई और राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के कुशालपुरा गांव पहुंचकर कार्रवाई की।
महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासन के द्वारा बाल विवाह की रोकथाम को लेकर लगातार अभियान चलाकर इसकी रोकथाम की बात कही जा रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए नाबालिक दूल्हा-दुल्हन के बाल विवाह की वीडियो ने प्रशासन के अभियान की पोल खोल दी है।
करनवास से भी मामला आया सामने
करनवास थाना क्षेत्र में भी एक नववर्ष की बच्ची की सगाई कर उसकी शादी 26 अप्रैल को तय कर दी गई। बिना परिजनों की सहमति के ही रिश्तेदारों ने यह विवाहित कर दिया। अब विवाह नहीं करने पर झगड़े में 9 लाख रुपए की मांग भी की जा रही है। इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस और महिला बाल विकास से की है।
माता-पिता सहित अन्य लोगों पर दर्ज हुआ मामला
भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया कि नाबालिग बालक एवं नाबालिग बालिका का विवाह दिनांक 14/04/2026 को संपन्न कराया गया था। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग, आहिंसा वेलफेयर सोसायटी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं ग्राम चौकीदार द्वारा बाल विवाह की पुष्टि की गई इसके बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर मामले की गंभीरता को देखते हुए बालक एवं बालिका के माता-पिता सहित अन्य सहयोगी व्यक्तियों के साथ टेंट संचालक, घोड़ी संचालक, प्रिंटिंग प्रेस संचालक, हलवाई एवं पंडित के विरुद्ध थाना भोजपुर में अपराध क्रमांक 120/2026 अंतर्गत धारा 10 एवं 11, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
पुलिस की अपील जिला पुलिस एवं प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सहयोग करें तथा ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

