‘मेरे नाम पर क्लिकबेट मेरी फिल्मों से ज्यादा पॉपुलर हैं’, Epstein Files में उछला अनुराग कश्यप का नाम, अब बताई हकीकत

4 Min Read
‘मेरे नाम पर क्लिकबेट मेरी फिल्मों से ज्यादा पॉपुलर हैं’, Epstein Files में उछला अनुराग कश्यप का नाम, अब बताई हकीकत

एपस्टीन फाइलें पिछले कुछ हफ्तों से दुनिया भर में ध्यान का केंद्र बनी हुई हैं। ये फाइलें एक यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी हैं, इसमें कई दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। इन रिकॉर्ड्स में कई जाने-माने नामों के सामने आने के कारण जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गया है। इनमें से कुछ व्यक्तियों ने सार्वजनिक रूप से अपनी सफाई दी है। इनमें टेक अरबपति बिल गेट्स और भारतीय-अमेरिकी लेखक दीपक चोपड़ा के नाम शामिल हैं। इसी सूची में फिल्म निर्माता और अभिनेता अनुराग कश्यप का नाम भी आया था, जिसके बाद उन्होंने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

अनुराग कश्यप का बयान

ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे एक ईमेल में कथित तौर पर अनुराग कश्यप को बॉलीवुड वाला और मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर बताया गया था। ईमेल में दावा किया गया कि उन्होंने 2017 में बीजिंग में आयोजित एक एपस्टीन इवेंट में हिस्सा लेने के लिए सहमति दी थी। हालांकि अनुराग कश्यप ने इन दावों से पूरी तरह इनकार किया है। उन्होंने HT सिटी को बताया, ‘मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे महीने में लगभग 15 स्पीकर इनविटेशन मिलते हैं। मैं शायद ही कभी किसी का जवाब देता हूं। साथ ही मैं अपनी जिंदगी में कभी बीजिंग नहीं गया।’ कश्यप ने सर्कुलेट हो रही सामग्री की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया और कहा कि यह दस्तावेज खुद जांच में खरे नहीं उतरते। उन्होंने ईमेल की प्रकृति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘यह कोई रैंडम ईमेल है, जो खुद ही सब कुछ बता रहा है। मेरे नाम पर क्लिकबेट मेरी फिल्मों से ज्यादा पॉपुलर हैं।’

एपस्टीन फाइलों की ताजा जानकारी

अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी लाखों अतिरिक्त रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं। इन रिकॉर्ड्स में उनके अपराधों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े फाइल्स की जानकारी शामिल है। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि 30 जनवरी, शुक्रवार को तीन मिलियन से अधिक पन्नों के दस्तावेज जारी किए गए। ये रिकॉर्ड विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए गए थे और ये बड़े कलेक्शन का हिस्सा हैं, जो दिसंबर में पहले जारी किए गए कलेक्शन में शामिल नहीं थे। ये खुलासे एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत किए गए हैं। यह कानून सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद पारित हुआ था और सरकार को एपस्टीन और उनकी पूर्व पार्टनर घिसलेन मैक्सवेल से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए बाध्य करता है।

सार्वजनिक हुए दस्तावेज

कांग्रेस ने निर्देश दिया था कि सभी रिकॉर्ड 19 दिसंबर तक जारी किए जाएं। हालांकि, न्याय विभाग उस समय सीमा को पूरा नहीं कर सका। अधिकारियों ने कहा कि यौन शोषण के पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों वकीलों को फाइलों की समीक्षा के लिए नियुक्त किया गया था। तब से रिव्यू किए गए दस्तावेजों की कुल संख्या लगभग 5.2 मिलियन पेज हो गई है, जिसमें डुप्लीकेट रिकॉर्ड भी शामिल हैं। क्रिसमस से पहले न्याय विभाग ने हजारों पन्नों का मटेरियल जारी किया, जिसमें फोटोग्राफ, इंटरव्यू नोट्स, फोन लॉग और कोर्ट डॉक्यूमेंट शामिल थे। इनमें से कई रिकॉर्ड पहले से ही सार्वजनिक थे, लेकिन नए कलेक्शन में ऐसे दस्तावेज भी शामिल हैं जो अब तक आम लोगों की पहुँच से बाहर थे। इन रिकॉर्ड्स के आने के बाद एपस्टीन के नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से जुड़े सवालों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। ऐसे में अनुराग कश्यप और अन्य जानी-मानी हस्तियों के नाम सामने आने से सामाजिक और मीडिया प्लेटफऑर्म पर बहस भी तेज हो गई है।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version