बदायूं हादसा: तीन दोस्तों के लिए रफ्तार बनी काल, ब्रेकर से हवा में उछलकर यूनिपोल से टकराई थी कार

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बदायूं हादसा: तीन दोस्तों के लिए रफ्तार बनी काल, ब्रेकर से हवा में उछलकर यूनिपोल से टकराई थी कार

बदायूं में बाइपास पर एआरटीओ कार्यालय के पास सोमवार रात तेज रफ्तार कार यूनिपोल से टकरा गई थी। हादसे में लेखपाल समेत तीन दोस्तों की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर घायल हो गया। चारों युवक जन्मदिन की पार्टी के बाद घर लौट रहे थे।   बदायूं में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे चार दोस्तों में से तीन की सड़क हादसे में जान चली गई। हादसे की मुख्य वजह हाईवे का ब्रेकर और कार की तेज रफ्तार बनी है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कल्याण नगर निवासी लेखपाल हर्षित सक्सेना (25) का जन्मदिन होने के कारण चारों दोस्त सोमवार शाम घर से निकले थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि कार अंकित कर्णधार चला रहे थे। ड्राइविंग सीट के बगल में हर्षित सक्सेना बैठे थे। पीछे की सीट पर हर्षित गुप्ता व रूबल बैठे थे। चारों दोस्तों ने वजीरगंज क्षेत्र के एक होटल पर खाना खाया था। फिर वह बरेली-मथुरा हाईवे के बाइपास होते हुए उझानी रोड मेडिकल कॉलेज तिराहे की तरफ जा रहे थे। 

अंकित ने एआरटीओ चौराहे को पार किया। इस दौरान रफ्तार इतनी तेज थी कि हाईवे पर बने आधे फीट के ब्रेकर पर कार हवा में उछली कि चालक संतुलन खो बैठा। तेज रफ्तार के कारण कार उछलकर 10 फीट की ऊंचाई से यूनिपोल से टकरा गई। जबरदस्त टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। चारों दोस्त क्षतिग्रस्त कार के अंदर फंस गए। 

पुलिस को रात 1:40 पर सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो सभी दोस्त खून से लथपथ थे। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि हादसे के समय कार की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा से भी अधिक रहेगी। इससे ब्रेकर पर कार आते ही भीषण हादसा हो गया।

एयरबैग खुलने से बची जान

अंकित सील बेल्ट पहनकर कार चला रहे थे। जैसे ही हादसा हुआ तो ड्राइवर साइड का एयरबैग खुल गया। इससे अंकित के सिर किसी से टकराने से बच गया। वहीं, हर्षित सक्सेना ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। इस वजह से उनकी साइड का एयरबैग नहीं खुला।

रक्षाबंधन पर आए थे लेखपाल

मोहल्ला कल्याण नगर निवासी हर्षित सक्सेना उर्फ राजा (23) गुन्नौर में लेखपाल के पद पर तैनात थे। वह रक्षाबंधन पर छुट्टी लेकर घर लौटे थे। इस बीच उनका जन्मदिन भी था। इसलिए रुक गए। वह दो भाइयों में बड़े थे। उनकी मौत से भाई आयुष व मां मधुर का रो-रोकर बुरा हाल है।

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