बरेली में जिला प्रशासन की तरफ से प्रत्येक तहसील की सीमा पर कांवड़ियों के लिए शिविर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें करीब 2.50 लाख श्रद्धालुओं के खाने व ठहरने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही, कांवड़ियों पर गुलाब वर्षा की जाएगी। रात होने पर सोने की व्यवस्था भी की जाएगी। शहर में नगर निगम ने सेल्फी प्वाइंट बनाए हैं।
सावन में शहर के सात नाथ मंदिरों (त्रिवटीनाथ, अलखनाथ, धोपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ) पर भक्तों की सर्वाधिक भीड़ रहती है। जिले के 499 शिव मंदिरों में जलाभिषेक होता है। कांवड़ लेकर 3727 जत्थे कछला गंगा घाट से, 41 गढ़ मुक्तेश्वर, 570 हरिद्वार व 19 जत्थे अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर आएंगे।
बहेड़ी तहसील में उत्तराखंड की नसीमा पर, आंवला में पुट्टी, सदर तहसील में भमौरा मार्ग पर, फरीदपुर, मीरगंज व नवाबगंज में शिविर (वॉटर प्रूफ टेंट) लगाए जा रहे हैं। यहां कांविड़ियों के खाने (पूड़ी, सब्जी, हलवा), ठहरने व सोने की व्यवस्था रहेगी। नगर निकायों व ब्लॉकों को भी शिविर लगाकर शरबत आदि की व्यवस्था करनी होगी।
कांवड़ियों पर बरसाए जाएंगे फूल
इन शिविरों में खाने-पीने की व्यवस्था शनिवार, रविवार, सोमवार को रहेगी। यहां से निकलने वाले कांवड़ियों पर गुलाब के फूलों की वर्षा की जाएगी। इन शिविरों का उद्घाटन दो अगस्त को किया जाएगा। कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए प्रशासन की तरफ से सात सुपर जोन, थानावार जोन, उसके नीचे किलोमीटर के हिसाब से सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं।

