ब्रिक्स डिनर में शाकाहारी मेन्यू पर सियासी घमासान, आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने याद दिलाया 20 साल पुराना कलाम किस्सा

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ब्रिक्स डिनर में शाकाहारी मेन्यू पर सियासी घमासान, आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने याद दिलाया 20 साल पुराना कलाम किस्सा

दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट के गाला डिनर में परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। इसी बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफुर रेगनर ग्रिम्सोन ने 20 साल पुराना एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भी 2005 में तत्कालीन भारतीय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को आइसलैंड में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसा था।

क्या लिखा ग्रिम्सोन ने

1996 से 2016 तक आइसलैंड के राष्ट्रपति रहे ग्रिम्सोन ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर लिखा, “जब मैंने किसी नॉर्डिक देश की भारत के राष्ट्रपति की ऐसी पहली यात्रा पर राजकीय भोज का आयोजन किया था, तो मैंने भी पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू पेश किया था। 20 साल से भी पहले, और आइसलैंड में, जहां शाकाहारी होना आसान नहीं है।” उन्होंने यह पोस्ट राहुल गांधी का सीधे नाम लिए बिना, ब्रिक्स डिनर मेन्यू पर उठे विवाद के जवाब में लिखी।

गाला डिनर में क्या परोसा गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं के सम्मान में गाला डिनर का आयोजन किया था। मेन्यू में खांडवी, मशरूम गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, बाजरा पुलाव और जलेबी सहित कई पारंपरिक व भारतीय क्षेत्रीय व्यंजन शामिल थे। यह डिनर ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के नेताओं व प्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया था।

कांग्रेस का आरोप — शाकाहार थोपा जा रहा है

डिनर में पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसे जाने के एक दिन बाद रविवार को कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह विदेशी मेहमानों पर भी अपनी खान-पान की पसंद थोप रही है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जानकारी के लिए, 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट होता है, जैसे मेरी बहन के छोले-भटूरे।” उन्होंने इसके साथ छोले-भटूरे की एक तस्वीर भी साझा की, हालांकि उन्होंने ब्रिक्स डिनर का सीधे उल्लेख नहीं किया।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने डिनर मेन्यू का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भाजपा की अपने साथी नागरिकों पर खान-पान की पसंद थोपने की आदत पहले से ही समस्याग्रस्त रही है और अब उसने विदेशी मेहमानों तक इसे बढ़ा दिया है। खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या सरकार भारत की उस विविधता से शर्मिंदा है, जिसमें कई लोकप्रिय मांसाहारी व्यंजन भी शामिल हैं।

भाजपा का पलटवार

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता किरेन रिजिजू ने कांग्रेस की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर हैं और जिनमें विविध क्षेत्रीय परंपराएं झलकती हैं।”

विवाद तब और तेज हो गया जब सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने भी सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन में मांसाहारी व्यंजनों को शामिल क्यों नहीं किया गया।

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