राजस्थान में हुए नगर निकाय चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 19 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस पर बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के सभी विजयी उम्मीदवारों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। हालांकि उन्होंने कुछ सीटों पर मतगणना को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए।
मायावती ने क्या कहा
मायावती ने कहा, “राजस्थान में हुए निकाय चुनाव में बीएसपी ने भी इस बार 19 सीटों पर अपने पार्षद जिताकर भेजे हैं और काफी उम्मीदवार सरकारी मशीनरी की गड़बड़ी की वजह से दोबारा गिनती में जबरदस्ती थोड़े-थोड़े वोटों के अंतर से हरा दिए गए हैं, वरना पार्टी का यहां और भी अच्छा रिजल्ट आ सकता था।” उन्होंने इसके लिए बसपा के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मायावती का यह दावा एक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
मायावती ने इसके साथ ही पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों में हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी के पहले से बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए वहां के कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी पार्टी बेहतर नतीजे लाएगी।
सभी दलों का प्रदर्शन कैसा रहा
राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार, नगर निकाय चुनाव में सबसे बड़ी जीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली है, जिसने 4,179 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 3,613 सीटें मिलीं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी को 42, भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) को 8, भाकपा(माले) को 38, निर्दलीय उम्मीदवारों (IND) को 2,273 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) को 63 सीटें मिलीं। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) का खाता इस चुनाव में नहीं खुल सका।
गौरतलब है कि मतगणना के दौरान अलग-अलग चरणों में जारी आंकड़ों में कुछ अंतर देखने को मिला था, हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग के अंतिम आंकड़े भाजपा और कांग्रेस की बढ़त की पुष्टि करते हैं।
सीएम भजनलाल शर्मा की प्रतिक्रिया
भाजपा की बड़ी जीत पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “नगर निकाय चुनाव में भाजपा की विजय के लिए राजस्थान की देवतुल्य जनता का हृदयतल से आभार एवं समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन! यह जनादेश भाजपा की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन की प्रतिबद्धता और जनसेवा के संकल्प पर जनता के अटूट विश्वास की मुहर है।”

