कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस को उनके खिलाफ किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई करने से फिलहाल रोक दिया है। यह मामला विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित भड़काऊ टिप्पणियां करने से जुड़ा है। दरअसल, हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित बयानों को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद उन्होंने इस FIR को रद्द कराने की मांग करते हुए सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था।
नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद हुई थी FIR
पश्चिम बंगाल पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह FIR चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद यानी 5 मई को दर्ज की थी। यह मामला उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत बागुईआटी थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की ओर से दी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि चुनावी जनसभाओं के दौरान अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। शिकायत में कहा गया कि उनके कुछ बयान ऐसे थे, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो सकती थी।
चुनाव के दौरान खूब हुई तीखी बयानबाजी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार बेहद गरमागरमी वाले राजनीतिक माहौल में संपन्न हुए। चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। कई रैलियों और सभाओं में नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए। खास तौर पर TMC और BJP के बीच मुकाबला काफी आक्रामक रहा। चुनावों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहली बार अपना सीएम बनवाने में कामयाबी हासिल की, जबकि टीएमसी 15 साल तक सत्ता में रहने के बाद बुरी तरह पराजित हुई। वहीं, कांग्रेस और वाम दलों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा।

