चैटजीपीटी AI को लेकर पिछले कुछ समय में ये धारणा बन गई है कि ये आने वाले समय में कई सेक्टर में नौकरियां खत्म हो जाएंगी। अगर, आप भी एआई को लेकर डरे हुए हैं तो बता दें कि चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी एआई जॉब्स के लिए करोड़ों रुपये की सैलरी ऑफर कर रही है। कंपनी ने गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। एआई के सेक्टर में आने वाले समय में बड़े पैमाने पर वैकेंसी आने वाली है। ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI ने पिछले दिनों एआई में 1.5 मिलियन यानी एवरेज 13.5 करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर किया है।
गूगल को छोड़ा पीछे
अमेरिकी पब्लिकेशन द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, ओपन एआई अपने कर्मचारियों को एवरेज 1.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 13.5 करोड़ रुपये का पैकेज ऑफर कर रही है, जो बड़ी टेक कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले पैकेज के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। इस समय ओपनएआई के पास करीब 4 हजार का वर्कफोर्स है। उस हिसाब से यह इतनी बड़ी राशि बन जाती है, जो गूगल के IPO आने से पहले के मुकाबले कई गुना कम है। गूगल ने 2003 में अपना IPO लाया था उस समय कंपनी का स्टॉक बेस्ड पैकेज ओपनएआई के मुकाबले 7 गुना कम था।
रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई का पैकेज दुनियाभर की 18 अन्य बड़ी टेक कंपनियों के IPO आने से पहले उस साल मिलने वाले पैकेज से 34 गुना ज्यादा है। यह दर्शाता है कि 2026 में एआई स्किल्स की मार्केट में कितनी ज्यादा डिमांड होने वाली है। हाल ही में ओपनएआई ने एआई सेक्टर में बने रहने के लिए टॉप रिसर्चर और इंजीनियर्स की इक्विटी भुगतान को बढ़ाने की तैयारी की है।
एआई जॉब्स में भारी-भरकम पैकेज
OpenAI के इस भारी-भरकम पैकेज की वजह से कंपनी के कुछ कर्मचारी अमेरिका के सबसे अमीर लोगों में शामिल हो गए हैं। हालांकि, कंपनी के इस पैकेज के कुछ नुकसान भी हैं। हैवी पैकेज की वजह से कंपनी के ऑपरेशन का एवरेज घाटा बढ़ता जा रहा है। साथ ही, ये मौजूद शेयर होल्डर्स के शेयरों को लगातार कम कर रहे हैं। अन्य कंपनियों की बात करें तो मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एआई रिसर्चर्स को हायर करने के लिए करोड़ों रुपये का सैलरी पैकेज ऑफर किया है। मेटा के एआई रिसर्चर्स के कुछ पदों का वेतन तो करीब 1 अरब डॉलर तक भी पहुंच गया है। ओपनएआई के कई कर्मचारी ने इस वजह से मेटा में स्विच भी किया है।

