केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मनरेगा की जगह लागू की गई वीबी-जी राम जी योजना का विरोध करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की है। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल को इस योजना में भगवान राम का नाम शामिल किए जाने के कारण आपत्ति है।
कांग्रेस के नेता कर रहे विरोध
सिंह ने अपने लोकसभा क्षेत्र बेगूसराय में कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेता, विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी का विरोध केवल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस योजना से भगवान राम का नाम जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस को केवल भगवान राम के नाम से समस्या
उन्होंने दावा किया, ‘उन्हें (कांग्रेस को) रोजगार या समाज के गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण की कोई चिंता नहीं है। उन्हें केवल भगवान राम के नाम से समस्या है।’ सिंह ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार दिवसों को 100 से बढ़ाकर 125 करना है। गिरिराज सिंह ने साथ ही यह भी कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) के शासन के दौरान कांग्रेस ने रोजगार दिवसों को बढ़ाने के बारे में कभी नहीं सोचा था।
वीबी-जी राम जी विधेयक को मिली मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल में वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025 को मंजूरी दी, जिसे संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था और इसने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लिया। सिंह ने कहा कि पूर्व में दिए जाने वाले 100 दिन की रोजगार अवधि में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा, काम की नियमितता और आय स्थिरता में महत्वपूर्ण मजबूती आएगी तथा प्रधानमंत्री मोदी देश के ग्रामीण लोगों के सशक्तीकरण और विकास के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।
सब जानते हैं कांग्रेस का असली चेहरा- गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह ने दावा किया, ‘यूपीए शासन के दौरान, केंद्र सरकार ने 10 सालों में राज्यों को केवल 2.13 लाख करोड़ रुपये जारी किए, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार ने 2014 से अब तक राज्यों को 8.5 लाख करोड़ रुपये जारी किए हैं।’ उन्होंने कहा कि लोग कांग्रेस का असली चेहरा जानते हैं और यही कारण है कि उन्हें हर जगह चुनाव में अपमानजनक हार का सामना करना पड़ रहा है।

