DBRAU: निजी कॉलेजों में 1.15 लाख सीटें खाली, 76 हजार सीटों का रिकॉर्ड नहीं मिला; विश्वविद्यालय ने भेजा रिमाइंडर

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DBRAU: निजी कॉलेजों में 1.15 लाख सीटें खाली, 76 हजार सीटों का रिकॉर्ड नहीं मिला; विश्वविद्यालय ने भेजा रिमाइंडर

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) से संबद्ध निजी कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। विश्वविद्यालय के अनुसार स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कुल 2.85 लाख सीटों में से करीब 1.15 लाख सीटों पर समर्थ पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण नहीं हुआ। वहीं, जिन विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया है, उनमें से करीब 76 हजार सीटों का प्रवेश संबंधी रिकॉर्ड कॉलेजों ने विश्वविद्यालय को नहीं भेजा है।

विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित कॉलेजों को रिमाइंडर भेजना शुरू कर दिया है। कॉलेज संचालकों को एक सप्ताह के भीतर प्रवेश और रिक्त सीटों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

2.85 लाख सीटों में 1.70 लाख पंजीकरण

डीन एकेडमिक डॉ. मनुप्रताप सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय से कुल 575 कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें 35 सरकारी और एडेड कॉलेज शामिल हैं। सत्र 2026-27 में स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए कुल 2.85 लाख सीटें निर्धारित हैं। इनमें 2.10 लाख स्नातक और 75 हजार परास्नातक स्तर की सीटें हैं।

प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए समर्थ वेब पोर्टल पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी। इस अवधि तक करीब 1.70 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया। इस हिसाब से लगभग 1.15 लाख सीटों पर पंजीकरण नहीं हुआ। विश्वविद्यालय के अनुसार ये रिक्तियां निजी कॉलेजों के स्नातक, परास्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में हैं।

76 हजार सीटों का प्रवेश रिकॉर्ड अभी विश्वविद्यालय के पास नहीं

सिर्फ पंजीकरण का आंकड़ा ही विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय नहीं है। विश्वविद्यालय के मुताबिक 1.70 लाख पंजीकरण में से कॉलेजों ने अभी तक केवल 94 हजार सीटों का प्रवेश संबंधी विवरण उपलब्ध कराया है। करीब 76 हजार सीटों का रिकॉर्ड अभी विश्वविद्यालय को नहीं मिला है।

इसका मतलब यह है कि विश्वविद्यालय के पास फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि पंजीकृत विद्यार्थियों में से कितने छात्रों ने वास्तव में संबंधित कॉलेज में प्रवेश लिया है और कितनी सीटें अभी खाली हैं।

विश्वविद्यालय ने इसी जानकारी को जुटाने के लिए कॉलेज संचालकों को रिमाइंडर भेजा है और एक सप्ताह में प्रवेश तथा रिक्त सीटों का पूरा विवरण देने को कहा है।

पहले भी कॉलेजों को प्रवेश डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे

DBRAU ने इस सत्र में समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की है। अगस्त के अंत में भी विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों से प्रवेश की स्थिति और रिक्त सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने को कहा था। उस समय भी बड़ी संख्या में कॉलेजों द्वारा प्रवेश संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आई थी।

विश्वविद्यालय ने अगस्त में नामांकन शुल्क की व्यवस्था में भी बदलाव किया था। इसके तहत विद्यार्थी के वास्तविक रूप से कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद नामांकन शुल्क जमा कराने की व्यवस्था की गई, ताकि पंजीकरण और वास्तविक प्रवेश के आंकड़ों के बीच अंतर को अधिक स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सके।

कॉलेजों का कहना- कई पाठ्यक्रमों में सीटें खाली

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सेल्फ फाइनेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह आर्य के मुताबिक निजी कॉलेजों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों की कई सीटें रिक्त रह गई हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेजों से प्रवेश और खाली सीटों का रिकॉर्ड विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है।

अब विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए रिमाइंडर के बाद कॉलेजों को अपने प्रवेश रिकॉर्ड और रिक्त सीटों की स्थिति उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद ही विश्वविद्यालय के पास सत्र 2026-27 में वास्तविक प्रवेश की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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