मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र के गांव हरराजपुर में शनिवार रात हुए गोलीकांड में 18 वर्षीय दीपांशु की मौत के बाद मंगलवार को माहौल पूरी तरह गमगीन और तनावपूर्ण बना रहा। पोस्टमार्टम के 18 घंटे बाद भी दोपहर करीब 11:30 बजे तक परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। वहीं प्रशासन परिवारीजनों को मनाने में लगा हुआ है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। मृतक की मां और बहनों की प्रमुख मांग है कि नामजद आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की जाए। वहीं इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध बताते हुए उनको हटाने की मांग की गई।
परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई थानों की पुलिस तैनात रही। क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण द्विवेदी और एसडीएम किशनी नवनीता राय लगातार परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे।
इस दौरान मृतक दीपांशु की मां और बहनों का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने रोते हुए अधिकारियों को बताया कि पांच बेटियों के बाद दीपांशु उनके घर का इकलौता बेटा था और उसकी हत्या से परिवार का सहारा छिन गया। बहनों ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व नजदीक है, लेकिन अब वे अपने भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगी। फिलहाल प्रशासन परिजनों को समझाने में जुटा है, जबकि गांव में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

