अनाज के कनस्तर, अलमारी में कपड़ों के बीच और गुल्लक में बचत की परंपरा को अब बदलने की जरूरत है। अगर महिलाएं योजनाबद्ध तरीके से बचत को निवेश में बदल दें तो यह आदत आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। बरेली में शनिवार को होटल स्वर्ण टॉवर में अमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड के सहयोग से आयोजित ‘स्त्री शक्ति समृद्धि’ कार्यक्रम में यह जानकारी मुख्य वक्ता केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड से यूपी यूके जोनल सेल्स हेड, वाइस प्रेसीडेंट धीरज डीन ने दी।
शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीओ देवयानी, विशिष्ट अतिथि इशिता किशोर, फन सिटी डायरेक्टर अमिता अग्रवाल, चिकित्साधिकारी डॉ. मधु गुप्ता, नीमा वीमेंस फोरम की स्टेट प्रेसीडेंट डॉ. नीलू मिश्रा, प्रो. चारू मेहरोत्रा ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य वक्ता ने उपस्थित महिलाओं को क्रमवार एसआईपी, म्यूचुअल फंड आदि के बारे में सरल भाषा में बताया।
धीरज डीन ने बताया कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण का प्रभावी माध्यम है। निवेश में रिटर्न भी ज्यादा होता है। कइयों ने लॉन्गटर्म नियमित निवेश से रिटायरमेंट और बेटी की शादी जैसे वित्तीय लक्ष्य पूरे किए। मिडकैप, स्मॉल कैप निवेश भी बताए।
कार्यक्रम में महिला उद्यमी, चिकित्सक, सरकारी और निजी संस्थान की महिलाकर्मी, अधिवक्ता, महिला स्वास्थ्यकर्मी, गृहिणियों व अन्य महिलाओं के निवेश संबंधी कई सवालों के जवाब भी मुख्य वक्ता ने दिए। यहां केनरा रोबेको से बतौर सहयोगी शौर्य भी मौजूद रहे।
परिवार को सक्षम बनाती हैं महिलाएं
सीडीओ देवयानी ने बताया कि महिला आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो तो पूरे परिवार को सक्षम बनाती है। निवेश की आदत हो तो घर में समृद्धि भी आती है। ऐसे आयोजन बदलती सामाजिक जरूरत के प्रति जागरूकता के लिए जरूरी हैं।
एसडीएम सदर इशिता किशोर ने कहा कि एक महिला की पहचान मां, बेटी, पत्नी के रूप में होती है। आत्मनिर्भरता महिला के जीवन का ऐसा पड़ाव है, जिससे अलग पहचान मिलती है। निवेश से आत्मनिर्भरता के साथ महिलाएं सशक्त हो सकती हैं।

