Farooq murder case: अधिवक्ताओं ने नहीं तोड़ी हड़ताल, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, हत्यारोपी के संपत्ति की होगी जांच

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Farooq murder case: अधिवक्ताओं ने नहीं तोड़ी हड़ताल, कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, हत्यारोपी के संपत्ति की होगी जांच

Rampur lawyer Farooq Ahmed murder case: रामपुर में वकील फारुख अहमद की हत्या के बाद से अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी है। उन्होंने पूरे हत्याकांड की जांच करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।  अधिवक्ता फारुख अहमद की जिला पंचायत दफ्तर में हत्या के बाद से आक्रोशित वकीलों की हड़ताल जारी है। इससे पहले सोमवार को कलक्ट्रेट पर वकीलों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता फारुख के परिजनों को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने और इस मामले में नामजद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी की गिरफ्तारी की मांग जोरदार ढंग से उठाई।

पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। डीएम ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सोमवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने बार कार्यालय में बैठक की। बैठक में तय किया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक वकील हड़ताल पर रहेंगे।

बैठक के बाद अधिवक्ता जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट स्थित पार्क पहुंचे। पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। बाद में अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में इस मामले के दूसरे आरोपी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी को गिरफ्तार करने और मुख्य आरोपी जिला पंचायतकर्मी असगर अली की संपत्ति की जांच की मांग की।

इसके अलावा फारुख के परिजनों को पांच करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी दोहराई। कहा कि मांगें होने पर ही उनका आंदोलन समाप्त होगा। डीएम अजय कुमार द्विवेदी व एसपी विद्या सागर मिश्र ने अधिवक्ताओं को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मौके पर बार एसोसिशन के महासचिव मोहम्मद उस्मान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, संजीव यादव, जसविंदर सिंह, पूर्व अध्यक्ष श्याम लाल, राम सिंह लोधी समेत अन्य कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

संपत्ति की होगी जांच, रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त होगा
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह ने कहा कि डीएम ने बार एसोसिएशन को बताया है कि अधिवक्ता फारुख अहमद की हत्या के मुख्य आरोपी जिला पंचायतकर्मी असगर अली की संपत्ति की जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित कर दी है।

वहीं, डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी में डिप्टी कलेक्टर हर्षवर्धन और शिक्षा विभाग के वित्त लेखाधिकारी हैं। कमेटी जल्द ही जांच कर रिपोर्ट देगी। साथ ही फारुख के परिवार को मुआवजे के लिए शासन को लिखा जा चुका है। दूसरी ओर, एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि हत्या के मुख्य आरोपी जिला पंचायतकर्मी असगर अली के रिवाल्वर का लाइसेंस निरस्त होगा।

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